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डिलीवरी के बाद वर्कआउट करने से लगता है डर, जानें कब से कर सकते है शुरूआत
क्या आप भी प्रेगनेंसी के बाद बढ़ते वजन को लेकर परेशान है। लेकिन ये समझ नहीं पा रही कि इसे कंट्रोल करने के लिए एक्सरसाइज कब से शुरू करें। देखा जाए तो, अधिकांश महिलाओं का प्रेगनेंसी के बाद पेट बाहर निकल जाता है, और बॉडी-शेप भी बिगड़ जाता है। डिलीवरी के बाद बाहर निकली हुई बेली के कारण महिलाएं घर से बाहर निकलने या अपनी पसंद के कपड़े पहनने से कतराती है। हालांकि, अपने फिगर को लेकर जो महिलाएं अवेयर होती
है वो डिलीवरी के कुछ समय बाद ही जिम जाना शुरु कर देती हैं। लेकिन इसकी वजह से उन्हें कई गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ते है। दरअसल, डिलीवरी के बाद बॉडी कमज़ोर हो जाती है। और खासकर जिनकी सी-सेक्शन डिलीवरी होती है, उन महिलाओं के जिम में जाकर वर्कआउट करने से स्टिचेस खुलने का डर बढ़ जाता है। तो यहां हम आपको बताएंगे कि सीजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज़ कब शुरु करनी चाहिए।

सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद कब से शुरू करें एक्सरसाइज
सीज़ेरियन ऑपरेशन को सी-सेक्शन कहते हैं जिसमें डिलीवरी के दौरान गर्भवती के पेट और यूट्रस पर चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है। इसके बाद डॉक्टर पेट और यूट्रस को टांका लगाकर बंद कर देते हैं, जो समय के साथ ही शरीर में घुल जाते हैं। सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपने शरीर का ज्यादा ख्याल रखना होता है। क्यूंकि, ऑपरेशन की वजह से उनके पेट में जो टांकें लगाए जाते हैं उन घावों को भरने में समय लगता है। हालांकि, हर महिला के लिए घावों के भरने का पीरियड अलग-अलग होता है। लेकिन इन सबके बीच ये बात ध्यान रखनी जरूरी है कि ऐसे काम से बचा जाए जिससे इन टांकों पर प्रेशर बने। एक्सपर्ट्स की मानें तो सी-सेक्शन या सीज़ेरियन डिलीवरी वाली महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद कम से कम छ: महीने एक्सरसाइज़ के बारे में नहीं सोचना चाहिए। छ: महीनों में टांकों के घाव काफी हद तक ठीक हो जाते हैं। हालांकि, अंदरूनी रूप से ठीक होने में इन्हें बहुत अधिक समय लगता है। लेकिन छह महीने से पहले अपनी बॉडी में प्रेशर ड़ालना सही नहीं है। वैसे डिलीवरी के छह महीने के बाद आप अपनी कैपेसिटी के अनुसार धीरे-धीरे वर्कआउट करना शुरू कर सकते है। आप अपने फिटनेस रूटीन में योग, वॉक, साइकिलिंग आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं। लेकिन किसी भी चीज को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
नॉर्मल डिलीवरी के बाद कब से शुरू करें एक्सरसाइज
नॉर्मल डिलीवरी एक प्रक्रिया है जिसमें शिशु का जन्म प्राकृतिक तरीके से महिला के वजाइना से होता है। इसमें किसी तरह की कोई चीरफाड़ की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की परेशानी न होने पर महिला को नॉर्मल डिलीवरी होती है। हालांकि, नॉर्मल डिलीवरी के बाद पूरी तरह से रिकवर होने में कितने समय में पूरा होगा यह महिला के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। सामान्यत: नॉर्मल डिलीवरी के बाद 6 से 8 सप्ताह बाद हल्की एक्सरसाइज़ करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, शुरुआत में वॉकिंग और कीगल एक्सरसाइज़ेस ही करें। लेकिन अगर आप जिम जाकर एक्सरसाइज करने की सोच रही है तो इससे पहले अपने डॉक्टर से अच्छी तरह विचार-विमर्श अवश्य करें।
एरियल योग भी है मददगार
मां बनने के कुछ समय बाद ही बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट एरियल योगा करती हुई नजर आई थी। दरअसल, एरियल योगा anti-gravity योग होता है, जिसे फर्श पर नहीं बल्कि हवा में एक कपड़े से बने झूले पर किया जाता है। इस दौरान आप हवा में लटके हुए ही कुछ योगासन करते हैं, ये योगासन ना सिर्फ कमर दर्द में राहत देते है, बल्कि बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने, तनाव को कम करना और कैलोरी बर्न करने में भी मदद करते है। अगर आप चाहे तो एक्सपर्ट की सलाह के बाद इन योगासनों का अभ्यास करना शुरू कर सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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