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ADHD से जूझ रही थी आलिया भट्ट, सालों बाद चला मालूम, बताया बचपन में ही दिख गए थे ये लक्षण
alia bhatt diagnosed with adhd : बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट इन दिनों अपनी फिल्म जिगरा के वजह से सुर्खियों में छाई हुई है। हाल ही में एक्ट्रेस ने फिल्म की प्रमोशन के दौरान बताया था कि उन्हें सालों से ADHD नामक मेडिकल कंडीशन है। एडीएचडी यानी अटेंशन डिफिशिएट हाईएक्टिविटी डिसऑर्डर है। जिस वजह से उन्हें बचपन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, खासतौर पर फोकस करने में उन्हें खूब परेशानी होती है। लेकिन हैरत की बाद यह है कि आलिया को सालों बाद एक साइकोलॉजी टेस्ट के दौरान इस बात का पता चला। आलिया ने बताया इसी वजह से वो अक्सर जोन आउट हो जाती है।
एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि इस बीमारी के वजह से उनमें सब्र बिल्कुल नहीं रहा। लेकिन जब वो बेटी राहा के साथ वक्त बताती हैं तो वो उस वक्त सबसे शांत रहती है। वो समय उनके लिए थेरेपी की तरह काम करते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ADHD क्या है और इसके लक्षण दिखने पर कैसे इस मेडिकल कंडीशन को कंट्रोल करें।

ADHD क्या है?
अटेंशन डिफिशिएंसी हाईपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) एक न्यूरो-डेवलपमेंटल विकार है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों में हो सकता है। यह विकार मुख्य रूप से ध्यान की कमी, अत्यधिक सक्रियता और आवेग नियंत्रण में कठिनाई के रूप में प्रकट होता है। ADHD वाले व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने, लंबे समय तक किसी काम को पूरा करने, या किसी चीज पर फोकस बनाए रखने में परेशानी होती है।
ADHD के प्रमुख लक्षण
अटेंशन डिफिशिएंसी (ध्यान की कमी) : ध्यान बनाए रखने में कठिनाई (चाहे वह पढ़ाई हो, काम हो, या कोई और गतिविधि हो) गलतियां करना, क्योंकि व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता है। सुनने में परेशानी और कार्यों को पूरा करने में कठिनाई (जैसे स्कूल के काम, ऑफिस के प्रोजेक्ट) इसके अलावा चीजों को अक्सर खो देना (जैसे चाबियां, किताबें) और रोज़मर्रा की गतिविधियों को व्यवस्थित करने में समस्या।
हाइपरएक्टिविटी (अत्यधिक सक्रियता) : आराम से बैठने में कठिनाई (व्यक्ति हमेशा हिलता-डुलता रहता है), फालतू की बातें करना या बातें बीच में काटना, जगह-जगह भागना या अत्यधिक उत्साहित होना, लम्बे समय तक एक ही जगह पर बैठने में असुविधा महसूस करनाचुपचाप बैठने वाली गतिविधियों (जैसे पढ़ाई या ध्यान) में समस्या होना।
3. इंपल्सिविटी (आवेग नियंत्रण में कठिनाई) : बिना सोचे समझे निर्णय लेना और किसी चीज़ का इंतजार करने में कठिनाई (जैसे लाइन में खड़ा होना)। बिना अनुमति के बोलना या किसी की बात को बीच में काटना, जल्दी गुस्सा आना या जल्दी भावनाओं का अनियंत्रण होना।
ADHD के कारण
ADHD के सही कारण अभी तक पूरी तरह ज्ञात नहीं हैं, लेकिन कुछ संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं-
- आनुवांशिकता यानी जींस: अगर परिवार में किसी को ADHD है, तो इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।
- मस्तिष्क की संरचना में परिवर्तन: ADHD वाले लोगों के मस्तिष्क की कुछ संरचनाएँ दूसरों से भिन्न होती हैं।
- पर्यावरणीय कारक: गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान, शराब, या ड्रग्स का सेवन, गर्भ में पोषण की कमी या समय से पहले जन्म भी कारण हो सकते हैं।
ADHD का इलाज
ADHD का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए कुछ उपचार विकल्प हैं। इनका उद्देश्य व्यक्ति को बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने और आवेगों को नियंत्रित करने में मदद करना है:
दवाइयां
स्टिमुलेंट्स और नॉन-स्टिमुलेंट्स दवाईयों का सेवन करना जो मस्तिष्क के रासायनिक संतुलन में मदद करते हैं और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
बिहेवियरल थेरेपी
इसमें व्यवहार को नियंत्रित करने और उसे सुधारने के लिए तकनीकें सिखाई जाती हैं। यह थेरेपी व्यक्ति की नकारात्मक सोच और व्यवहार को बदलने पर केंद्रित होती है। ADHD से पीड़ित बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों को यह सिखाया जाता है कि वे बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करें और उनके लिए बेहतर वातावरण कैसे बनाएं।
लाइफस्टाइल बदलाव
शारीरिक गतिविधि मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को संतुलित कर सकती है और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकती है। नियमित समय पर कार्य करने से ADHD वाले लोगों को मदद मिलती है। बैलेंस्ड डाइट मस्तिष्क के फंक्शन को बेहतर बना सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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