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What is Ketone: अरविंद केजरीवाल के ब्लड में बढ़ा कीटोन लेवल, जानें डायबिटीज में क्यों है खतरनाक?
High ketone Level In Diabetes: शराब घोटाले में जमानत पर चल रहे CM अरविंद केजरीवाल ने खून में कीटोन में बढ़ोतरी हुई है। यह एक वजह है कि डॉक्टर्स ने उन्हें कुछ खास टेस्ट करने की सलाह दी है।
केजरीवाल डायबिटीज के मरीज है और ऐसी स्थिति में कीटोंस का बढ़ना उनके लिए चिंता का विषय है।
इसी वजह से केजरीवाल ने अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की है। डायबिटीज में कीटोन लेवल बढ़ने इंसुलिन का स्तर घटने लगता है। जिस वजह से कीटोन्यूरिया की समस्या हो सकती है, जो कि एक मेडिकल कंडीशन है।

आइए इस समस्या को डिटेल में समझते है कि इसके पीछे क्या वजह हो सकती है?
कीटोन क्या है?
कीटोन एक तरह का एसिड होता है, जो आपके लिवर में मौजूद होता है। शरीर एनर्जी बनाने के लिए जब फैट और प्रोटीन का इस्तेमाल करता है, तब शरीर से एक केमिकल रिलीज होता है, जिसे कीटोन कहते हैं। यह खून में घुलकर शरीर को ऊर्जा देता है। ये कीटोन यूरिन के जरिए शरीर से निकल जाते है।
क्या है कीटोन्यूरिया?
कीटोन के टूटने को कीटोसिस के रूप में जाना जाता है। जब आप पर्याप्त मात्रा में वसा का सेवन नहीं करते हैं तो कीटोन भारी मात्रा मूत्र के साथ निकल जाते है, जो इस बात का संकेत है कि शरीर में इंसुलिन का स्तर गिरता जा रहा है। इस गंभीर स्थिति को कीटोन्यूरिया की समस्या पैदा होती हे जिससे डायबिटीज कीटोएसिडोसिस हो सकती है।
यूरिन में बढ़ती कीटोन की मात्रा को कीटोन्यूरिया कहा जाता है। कीटोंस का निर्माण लिवर करता है। डायबिटीज मरीज के लिए यह समस्या घातक साबित हो सकती है। इसमें इंसुलिन का स्तर कम होने लगता है साथ ही शरीर में फैट और प्रोटीन में भी कमी आने लगती है।
डायबिटीज कीटोएसिडोसिस के लक्षण
प्यास लगना, मतली, पैरों के तलवों में जलन, झुनझुनी, बहुत पेशाब आना, जैसे लक्षण दिखने पर इन्हें अनदेखा न करें।
कब कीटोंस की जांच करवानी चाहिए?
- ब्लड शुगर दो दिनों तक 250 (mg/dL) से अधिक रहता है।
- गर्भावस्था के दौरान।
- जब इंसुलिन ने पंप करना बंद कर दिया।
- सर्जरी होने पर
- जब खाना खाने में परेशानी आ रही है तब।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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