Latest Updates
-
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासू मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत
बच्चों में अस्थमा और माइग्रेन की समस्या में Cupping Therapy है फायदेमंद, जानिए इसके अन्य बेनिफिट्स

कपिंग थेरेपी एक चायनीज थेरेपी है, जिसकी मदद से आपके शरीर को कप में वेक्यूम बनाकर बॉडी पर कुछ समय के लिए लगाया जाता है। इस थेरेपी से आपके शरीर को काफी आराम मिलता है और कई बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। ऐसे में बच्चों के लिए भी ये थेरेपी काफी फायदेमंद साबित होती है। आम तौर पर बच्चे एक्यूपंक्चर सुइयों से डरते हैं, लेकिन कप उन्हें काफी दिलचस्प लगते हैं। ज्यादातर बच्चे कपिंग थेरेपी को लेकर कई बार एक्साइटेड नजर आते हैं क्योंकि कप नेगेटिव प्रेशर के जरिए आपके शरीर को सोखता है। कपिंग थेरेपी की मदद से बच्चों को कई हेल्थ बेनिफिट्स भी होते हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कपिंग थेरेपी से जुड़े हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में जानते हैं।
कपिंग थेरेपी के फायदे
बच्चों और टीनएजर के पास तनाव से निपटने के तरीकों को सीखने का मौका होता है। लेकिन कपिंग थेरेपी जैसे इलाजों को ट्राई करके आप अपने बच्चों के फिजिकल और मेंटल तनाव को कम कर सकते हैं। नींद न आने में परेशानी आना, शरीर में किसी तरह का दर्द और तनाव महसूस होने जैसे किसी भी तरह की समस्या से निजात पाने के लिए कपिंग थेरेपी का उपयोग गर्मी से जुड़ी किसी भी चीज के इलाज में भी कर सकते हैं। कपिंग थेरेपी से बच्चों को ये हेल्थ बेनिफिट्स हो सकते हैं-
1. अस्थमा की समस्या में राहत
2. कान से जुड़ी परेशानी या संक्रमण से बचाव
3. कब्ज की परेशानी से रहते हैं दूर
4. बच्चों को पाचन संबंधी समस्याओं से भी मिलता है छुटकारा
5. नींद न आने की समस्या भी होती है दूर
6. माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या से मिलती है राहत
7. भूख लगने में बढ़ोत्तरी
8. वजन और हाइट बढ़ने में भी मिलता है फायदा
9. इम्यून सिस्टम रहता है स्ट्रॉन्ग
10. मेडिटेशन और कॉन्सन्ट्रेशन पावर में होती है बढ़ोतरी
बच्चों पर कपिंग थेरेपी कैसे करती है काम?
बच्चों की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है, इसलिए डॉक्टर बच्चों की स्किन पर फायर कपिंग का यूज करने से बचने की सलाह देते हैं। बच्चों के लिए अक्सर सिलिकॉन कप का उपयोग किया जाता है। कपिंग थेरेपी में सिलिकॉन कप ट्रांसपेरेंट होने के साथ ज्यादा नरम भी होता है। इलाज के दौरान कपों को मालिश जैसा एहसास कराने के लिए एक्यूप्रेशर देते हुए ऊपर और नीचे किया जाता है। ऐसा करने से बच्चे की स्किन पर संसेशन महसूस होती है जो उनके ब्लड सर्कुलेशन में मदद करता है, और मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है। इसके साथ बच्चों में अस्थमा, पीठ दर्द, गर्दन दर्द, खांसी, कंधे में दर्द, कब्ज, डायरिया, बुखार जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
बच्चों के शरीर पर कहीं भी कपिंग की जा सकती है और अलग-अलग आकार के कपों का इस्तेमाल शरीर के हिसाब से किया जाता है। बच्चों के बॉडी पर 5 से 15 मिनट तक ही कपिंग थेरेपी की जाती है। इस थेरेपी के बाद बच्चे के शरीर पर लाल घेरे के निशान रह जाते हैं जो कप के कारण आपकी स्किन से खून चूसने के कारण होता है।
क्या कपिंग थेरेपी से बच्चों को होता है दर्द?
अगर कपिंग थेरेपी के कारण बच्चों को किसी भी तरह का साइड इफेक्ट होता, या फिर कोई तकलीफ होती तो डॉक्टर बच्चों के लिए इस थेरेपी की कभी परमिशन नहीं देते। ये थेरेपी बच्चों के लिए काफी प्रभावशाली और आरामदायक होता है। जिस कारण बच्चों को इसे कराने में भी काफी मजा आता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











