दीवाली से पहले द‍िल्‍ली में पकड़ा गया सड़ा हुआ 430 किलो खोया, FSSAI की ट्र‍िक्‍स से नकली मावा की करें जांच

How to Identify Fake Mawa : फेस्टिव सीजन शुरू होते ही खाने-पीने की चीजों में म‍िलावट के मामले बढ़ जाते हैं। म‍िलावट को रोकने के ल‍िए इन दिनों जगह-जगह फूड डिपार्टमेंट वाले छापेमारी कर रहे हैं। इसी छापेमारी में दिल्‍ली में 430 किलो नकली खोया पकड़ा गया है। इस नकली खोए से म‍िठाई बनाकर बेचने की तैयारी चल रही थी। रिपोर्ट के मुताब‍िक ये खाया बिना देखरेख के एक दुकान के गोदाम में पडा हुआ था, ज‍िससे बदबू आ रही थी। जांच में यह म‍िलावटी निकला इस वजह से इसे नष्‍ट कर दिया गया।

फेस्टिव सीजन के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मावा की भी डिमांड काफी बढ़ जाती है। यही कारण है कि कई कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में मावा में मिलावट कर देते हैं, जो आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। जितना बेहतर मावा होगा, मिठाई भी उतनी ही स्वादिष्ट और अच्छी बनेगी, लेकिन मिलावटी मावा से मिठाइयों का स्वाद तो खराब होता ही है, साथ ही यह सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है।

How to Identify Fake Mawa

नकली मावा खाने का नुकसान

न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन अंजली पाठक बताती हैं नकली मावा में सिंथेटिक सामग्री, स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च, डिटर्जेंट, या अन्य हानिकारक केमिकल्स मिलाए जा सकते हैं। इसे खाने से सेहत को कई तरह के गंभीर नुकसान पहुंच सकते हैं।

पेट संबंधी समस्याएं

नकली मावा खाने से पेट दर्द, दस्त, गैस्ट्रिक समस्याएं और अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

फूड पॉयजनिंग

इसमें मिलाए गए केमिकल्स और अन्य हानिकारक पदार्थ फूड पॉयजनिंग का कारण बन सकते हैं।

किडनी और लिवर को नुकसान

लगातार मिलावटी मावा खाने से किडनी और लिवर की कार्यप्रणाली पर बुरा असर पड़ सकता है।

एलर्जी
नकली मावा में मिलाए गए रसायन से त्वचा पर रैशेस, खुजली और अन्य एलर्जी की समस्या हो सकती है।

नकली मावा की पहचान कैसे करें?

FSSAI द्वारा दिए गए कुछ आसान तरीकों से आप मावा की शुद्धता की जांच कर सकते हैं, खासकर फेस्टिव सीजन के दौरान मिलावट से बचने के लिए। यहाँ तीन प्रमुख परीक्षण बताए गए हैं:

आयोडीन टेस्ट

- एक चम्मच मावा लें और उसे एक कप गर्म पानी में डालें।
- इसके बाद इसमें कुछ बूंदें आयोडीन डालें।
- अगर मावा का रंग नीला हो जाता है, तो इसका मतलब उसमें स्टार्च की मिलावट है।
- अगर रंग नहीं बदलता, तो मावा शुद्ध है।

सल्फ्यूरिक एसिड टेस्ट

- एक बीकर में थोड़ा सा मावा नमूना लें।
- इसमें कुछ बूंदें सल्फ्यूरिक एसिड डालें।
- अगर नमूने में बैंगनी रंग बनता है, तो मावा में मिलावट हो सकती है।
- अगर कोई रंग नहीं बदलता, तो मावा मिलावट रहित है।

मावा की बनावट और स्वाद का परीक्षण

- मावा खरीदते समय उसकी बनावट और तैलीयपन को जांचें।
- ताजा मावा तैलीय और दानेदार होता है और इसका स्वाद हल्का मीठा होता है।
- मावा को अपनी हथेली पर रगड़ें। यदि यह ग्रीस का निशान छोड़ता है, तो मावा शुद्ध है।
इन सरल तरीकों से आप मिलावटी मावा से बच सकते हैं और फेस्टिव सीजन का आनंद बिना किसी सेहत संबंधी चिंता के ले सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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