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Air Pollution: PM10 क्या है? जो बढ़ा सकता है ड्राई आई सिंड्रोम और कंजक्टिवाइटिस का रिस्क?
What is PM10 : दिल्ली और NCR समेत आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो गया है। जब AQI 400 के पार चला जाता है, तो यह वाकई गंभीर समस्या बन जाती है, क्योंकि यह स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालता है, खासकर आंखों और श्वसन तंत्र पर। हालात इतने बुरे हैं कि कोहरे और स्मॉग में अंतर करना भी बेहद मुश्किल है। इस वक्त दिल्ली में सांस लेना भी दूभर है।
अब कोलोराडो विश्वविद्यालय के एंशुट्ज़ मेडिकल कैंपस के एक रिसर्च में सामने आया है कि वायु प्रदूषण और नेत्र स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध उजागर किया है। एयर पॉल्यूशन में मौजूद PM10 और PM2.5, जैसे प्रदूषक तत्व आंखों के लिए गंभीर हो सकते हैं। आइए जानते है आखिर क्या होता है PM10 और इसके संपर्क मे आने के नुकसान।

PM10 क्या है?
PM10 का मतलब है पार्टिकुलेट मैटर 10 माइक्रोमीटर या उससे छोटे व्यास वाले कण। ये वायुमंडल में मौजूद धूल, धुआं, परागकण, और अन्य प्रदूषक कण होते हैं। ये इतने छोटे होते हैं कि सीधे हवा के साथ हमारी सांस और आंखों में प्रवेश कर सकते हैं। PM10 जैसे ड्राई आई सिंड्रोम और कंजक्टिवाइटिस का भी रिस्क बढ़ जाता है।
PM10 के स्रोत
वाहनों से निकलने वाला धुआं
निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल
औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले कण
जैव ईंधन और पराली जलाने का धुआं
क्या कहा गया है रिसर्च में
रिसर्च में यह पाया गया है कि PM10 कण सीधे हमारी आंखों की बाहरी सतह (कोर्निया और कंजक्टिवा) को प्रभावित करते हैं। इसका परिणाम आंखों की समस्याओं के रूप में दिखाई देता है, जैसे:
- प्रदूषण के कण आंखों की नाजुक लेयर्स को नुकसान पहुंचाकर उनमें सूजन और जलन पैदा करते हैं।
- PM10 कण आंखों की नमी को कम कर देते हैं, जिससे ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा बढ़ता है।
- लंबे समय तक इन कणों के संपर्क में रहने से आंखों में बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
आंखों को प्रदूषण से बचाने के लिए करें ये काम
PM10 प्रदूषण का के लंबे समय तक संपर्क में रहने से गंभीर नेत्र रोग, जैसे कंजक्टिवाइटिस, ड्राई आई सिंड्रोम, और कोर्नियल क्षति का खतरा बढ़ जाता है।
- बाहर जाते समय धूल और कणों से बचाव के लिए सुरक्षात्मक चश्मा पहनें।
- दिन में 2-3 बार आंखों को साफ पानी से धोएं।
- प्रदूषण अधिक होने पर नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं।
- आई ड्रॉप्स का उपयोग करें, लेकिन केवल डॉक्टर की सलाह के बाद।
- प्रदूषण के उच्च स्तर वाले दिनों में घर में रहें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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