'एवैंडिया' दवा पर प्रतिबंध की मांग

By Jaya Nigam

लंदन। चिकित्सा विशेषज्ञों ने ब्रिटेन में 100,000 से ज्यादा मधुमेह के मरीजों द्वारा ली जाने वाली 'एवैंडिया' दवा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह दवा दिल के दौरे का खतरा बढ़ा देती है। मानव दवा आयोग का कहना है कि इस दवा के फायदे की अपेक्षा इससे होने वाला खतरा कहीं ज्यादा है।

समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार ईस्ट एंग्लिया विश्वविद्यालय के अनुमान के मुताबिक इस दवा की वजह से ब्रिटेन में प्रत्येक वर्ष 1,000 अतिरिक्त दिल के दौरे पड़ते हैं। 'ब्रिटिश मेडीकल जर्नल' के मुताबिक 'यूरोपियन मेडीसिन्स एजेंसी' ने साल 2000 में टाइप 2 प्रकार के मधुमेह के मरीजों में इलाज के लिए एवैंडिया के इस्तेमाल को स्वीकृति दी थी।

दुनियाभर में इस दवा की 1.5 अरब पाउंड से ज्यादा की बिक्री होती है। ब्रिटेन में पिछले साल चिकित्सकों ने 10 लाख से ज्यादा लोगों को यह दवा लेने की सलाह दी। इस तरह यहां तीन करोड़ पाउंड की दवा की बिक्री हुई। इसके इस्तेमाल के प्रति चेतावनी जारी होने और चिंताएं बढ़ने के बाद ब्रिटेन में दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार समिति ने तीन महीने पहले इसके इस्तेमाल की अनुमति वापस ले ली।

चिकित्सकों को इसके प्रति चेतावनी जारी कर दिए जाने के बावजूद मरीजों को इसकी जानकारी नहीं दी गई है और हजारों लोग अब भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस दवा को बनाने वाली कंपनी 'ग्लैक्सोस्मिथक्लिन' का कहना है कि व्यापक अनुसंधान से पता चला है कि यह दवा सुरक्षित और असरकारक है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, September 6, 2010, 15:57 [IST]
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