Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
मधुमेह में किन-किन अंगों पर पड़ता है भंयकर प्रभाव

ऑंखें जा सकती हैं-
क्या आपको पता है कि आंखों को डायबिटीज़ से कितना खतरा हो सकता है। इससे आप अंधे भी हो सकते हैं। अगर आपको डायबिटीज है और आंखों को रौशनी भी कम है तो आप रेगुलर अपनी आंखों का चेकअप करवाएं। साथ ही इस बीमारी की खबर अपने डॉक्टर को जरुर दें। बेहतर होगा कि आप अपनी बीमारी का इलाज समय से करवा लें क्योकि आंखों की इस बीमारी का जल्द पता लगाना थोडा मुश्किल होता है।
पैर को होता है भारी नुक्सान-
मधुमेह में पैरों की समस्या होना आम बात है, इस बीमारी में सबसे पहला असर इसी पर पडता है। इसमें पैर की नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिससे रोगी को चोट लग जाने के बाद भी कोई असर नहीं पडता। यही नहीं इसमें खुन का दौरा धीरे धीरे होने लगता है जिससे पैर में लगी हुई चोट काफी दिनों के बाद ठीक होती है। इसके अलावा पैरों में संक्रमण भी हो जाता है और यह फैलते फैलते इतरा बढ जाता है कि कभी कभी रोगी को अपने पैर से भी हाथ धोना पड जाता है। पैर अगर लाल हों, बिना मतलब का दर्द, सूजन, अल्सर, पैर के रंग में बदलाव, यह सभी होना खतरे की घंटी है। यह सब तभी होता है जब रोगी के पैरों में ठीक से खुन न पहुंच रहा हो।
किडनी हो सकती है फेल-
मधुमेह में किडनियों पर असर का पता जरा देर से पता चलता है, इस बीमारी में रोगी को यूरीन टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। यह देखने के लिए कि कहीं मूत्र में प्रोटीन और खून का रिसाव तो नहीं होता। अगर यूरीन में ज्यादा प्रोटीन की मात्रा मिली होती हे तो इससे किडनी फेल होने का खतरा रहता है।
यह बहुत जरुरी है कि आप जल्द से जल्द अपना चेकअप करवा लें अन्यथा मधुमेह जैसी बीमारी आपको काफी गंभीर नुक्सान पहुंचा सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications