Latest Updates
-
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका -
गर्मियों में भी चाहिए कांच जैसा Korean Glow? डाइट में शामिल करें ये मैजिकल जूस; नोट करें रेसिपी -
Vat Savitri Vrat 2026: 16 या 17 मई, कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Adhik Maas 2026: 17 मई से लग रहा पुरुषोत्तम मास, अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए जरूर करें ये 5 काम
डायबिटिक फुट केयर- मधुमेह रोगी ऐसे करें पैरों की देखभाल
अनियंत्रित मधुमेह, मधुमेह पैर या अल्सर के खतरे को बढ़ा देता है। हालांकि, कई अन्य कारणों से भी ऐसी समस्या हो जाती है जैसे- परिधीय संवेदी न्यूरोपैथी, पैरों में मामूली चोट, गंदगीपूर्वक घावों की देखभाल करना या पैरों की बेकार तरीके से देखभाल करना आदि।
दुनिया भर में डायबिटीज (मधुमेह) की वजह से हर 30 सेकंड में एक पांव खराब हो जाता है। भारत में वैसकुलर सोसाइटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, डायबिटीज की वजह से हर साल करीब एक लाख पैर काटने पड़ते हैं।
READ: मधुमेह रोगियों के पैरों में सूजन को कम करने के 7 तरीके
देश में करीब 6.2 करोड़ डायबिटीज रोगियों में करीब 25 फीसदी को अपने जीवनकाल में पांव में लाइलाज घाव, नासूर और जानलेवा संक्रमण हो जाता है। अगर लम्बे समय से किसी व्यक्ति को डायबटीज की समस्या होती है तो उसका असर पैरों पर साफ दिखाई पड़ने लगता है।
मधुमेह की बीमारी के दौरान पैरों की देखभाल करना सबसे जरुरी चीज़ बन जाती है। हम इस आर्टिकल में आपको ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनके माध्यम से आप पैरों को आराम दे सकते हैं, जो कि निम्न प्रकार हैं:

ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रण में रखें:
शरीर के ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रण में बनाएं रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए प्रॉपर फूड चार्ट बनाकर ही भोजन खाएं और समय पर आवश्यक दवाईयों का सेवन करें। इससे डायबटीज से होने वाले खतरों में कमी होगी और जीवन कष्टपूर्ण नहीं होगा।

सही चप्पल पहनें:
डायबटीज से ग्रसित मरीज सही फुटवियर ही पहनें, ताकि उन्हें पैरों में चोट न लगने पाएं। क्योंकि मधुमेह की बीमारी में एक बार घाव हो जाने पर उसे भरने में काफी समय लग जाता है। सॉफ्ट चप्पल पहनें। मधुमेह के स्पेशल जो फुटवियर आती हैं उन्हें पहनें, जो ज्यादा फायदा करती हैं।

खुद से दवाओं का सेवन न करें:
मधुमेह से ग्रसित रोगियों को सख्त रूप से सलाह दी जाती है कि सदि उन्हें पैरों में कोई घाव या चोट लग जाती है या किसी प्रकार का दाना इत्यादि हो जाता है तो वे अपने आप से दवा का सेवन शुरू न कर दें। डॉक्टर से सही सलाह लेने के बाद ही दवा खाएं। पैरों में अल्सर हो जाने पर निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं, ताकि पैर जल्दी से सही हो जाएं:

चरण 1: घावों को साफ करना
डायबटीज हो और पैरों में चोट लग गई हो, तो पैरों को अच्छी तरह साफ रखें। घाव या चोट पर गंदगी न जमने दें। बीटाडाइन आदि से अच्छी तरह साफ कर लें और इस पर कोई दबाव न डालें। अगर घर में गॉज पट्टी रखी हुई हो तो उससे ड्रेसिंग कर लें।

चरण 2: घाव पर जोर न डालें
तेजी से घाव को सही करने के लिए, पैरों पर जोर न पड़ने दें। इससे उन्हें आराम मिलेगा। अगर आपको चलना है तो क्रुचेस के सहारे से चलें, या फिर कुछ समय के लिए व्हील चेयर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे पैरों पर शरीर का वजन नहीं पड़ेगा और वो शीघ्र ही सही हो जाएंगे।

चरण 3: समय पर दवाओं का सेवन करें:
आमतौर पर डायबटीज के दौरान पैरों में समस्या होने पर लोग ध्यान नहीं देते हैं, ऐसा न करें। डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवा का समय पर सेवन करें। इससे सूजन में कमी होगी, घाव जल्दी सही होंगे और उसमें पस आदि भी नहीं पड़ेगा।



Click it and Unblock the Notifications