Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
डायबिटिक फुट केयर- मधुमेह रोगी ऐसे करें पैरों की देखभाल
अनियंत्रित मधुमेह, मधुमेह पैर या अल्सर के खतरे को बढ़ा देता है। हालांकि, कई अन्य कारणों से भी ऐसी समस्या हो जाती है जैसे- परिधीय संवेदी न्यूरोपैथी, पैरों में मामूली चोट, गंदगीपूर्वक घावों की देखभाल करना या पैरों की बेकार तरीके से देखभाल करना आदि।
दुनिया भर में डायबिटीज (मधुमेह) की वजह से हर 30 सेकंड में एक पांव खराब हो जाता है। भारत में वैसकुलर सोसाइटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, डायबिटीज की वजह से हर साल करीब एक लाख पैर काटने पड़ते हैं।
READ: मधुमेह रोगियों के पैरों में सूजन को कम करने के 7 तरीके
देश में करीब 6.2 करोड़ डायबिटीज रोगियों में करीब 25 फीसदी को अपने जीवनकाल में पांव में लाइलाज घाव, नासूर और जानलेवा संक्रमण हो जाता है। अगर लम्बे समय से किसी व्यक्ति को डायबटीज की समस्या होती है तो उसका असर पैरों पर साफ दिखाई पड़ने लगता है।
मधुमेह की बीमारी के दौरान पैरों की देखभाल करना सबसे जरुरी चीज़ बन जाती है। हम इस आर्टिकल में आपको ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनके माध्यम से आप पैरों को आराम दे सकते हैं, जो कि निम्न प्रकार हैं:

ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रण में रखें:
शरीर के ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रण में बनाएं रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए प्रॉपर फूड चार्ट बनाकर ही भोजन खाएं और समय पर आवश्यक दवाईयों का सेवन करें। इससे डायबटीज से होने वाले खतरों में कमी होगी और जीवन कष्टपूर्ण नहीं होगा।

सही चप्पल पहनें:
डायबटीज से ग्रसित मरीज सही फुटवियर ही पहनें, ताकि उन्हें पैरों में चोट न लगने पाएं। क्योंकि मधुमेह की बीमारी में एक बार घाव हो जाने पर उसे भरने में काफी समय लग जाता है। सॉफ्ट चप्पल पहनें। मधुमेह के स्पेशल जो फुटवियर आती हैं उन्हें पहनें, जो ज्यादा फायदा करती हैं।

खुद से दवाओं का सेवन न करें:
मधुमेह से ग्रसित रोगियों को सख्त रूप से सलाह दी जाती है कि सदि उन्हें पैरों में कोई घाव या चोट लग जाती है या किसी प्रकार का दाना इत्यादि हो जाता है तो वे अपने आप से दवा का सेवन शुरू न कर दें। डॉक्टर से सही सलाह लेने के बाद ही दवा खाएं। पैरों में अल्सर हो जाने पर निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं, ताकि पैर जल्दी से सही हो जाएं:

चरण 1: घावों को साफ करना
डायबटीज हो और पैरों में चोट लग गई हो, तो पैरों को अच्छी तरह साफ रखें। घाव या चोट पर गंदगी न जमने दें। बीटाडाइन आदि से अच्छी तरह साफ कर लें और इस पर कोई दबाव न डालें। अगर घर में गॉज पट्टी रखी हुई हो तो उससे ड्रेसिंग कर लें।

चरण 2: घाव पर जोर न डालें
तेजी से घाव को सही करने के लिए, पैरों पर जोर न पड़ने दें। इससे उन्हें आराम मिलेगा। अगर आपको चलना है तो क्रुचेस के सहारे से चलें, या फिर कुछ समय के लिए व्हील चेयर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे पैरों पर शरीर का वजन नहीं पड़ेगा और वो शीघ्र ही सही हो जाएंगे।

चरण 3: समय पर दवाओं का सेवन करें:
आमतौर पर डायबटीज के दौरान पैरों में समस्या होने पर लोग ध्यान नहीं देते हैं, ऐसा न करें। डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवा का समय पर सेवन करें। इससे सूजन में कमी होगी, घाव जल्दी सही होंगे और उसमें पस आदि भी नहीं पड़ेगा।



Click it and Unblock the Notifications
