Latest Updates
-
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास
सिर्फ, मीठा खाने से नहीं होता है डायबिटीज?
आपने ज्यादातर लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि ज्यादा मीठा मत खाओ, वरना शुगर हो जाएगा। लेकिन ऐसा क्या सच में होता है या ये सिर्फ एक मिथ है। हालांकि ये बात बिल्कुल पूरी तरह सही है कि डायबिटीज के दौरान डॉक्टर मीठा न खाने की सलाह देते है क्योंकि मीठे खाने से डायबिटीज की समस्या बढ़ सकती है। लेकिन मीठा खाने से डायबिटीज का कुछ भी लेना देना नहीं है। डायबिटीज की वजह से शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है।
मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। डायबिटीज होने के पीछे कई वजह हो सकती है।

आइए जानते है कि किन कारणों से हो सकता है डायबिटीज और मीठे से क्या है डायबिटीज का संबंध?
डायबिटीज से जुड़े मिथक
इस लिस्ट में सबसे पहला मिथक है मीठा खाने से डायबीटीज का होना. अगर आप भी यही सोचते हैं तो आपकी सोच गलत है. जी हां, यह बात सौ टका सच है. मीठा खाने से कभी भी डायबीटीज नहीं होती. डायबीटीज होने की पीछे वंशानुगत और दूसरे कारण जिम्मेदार होते हैं. मगर यह बात सच है कि डायबीटीज के मरीज की मीठा खाने से शुगर अनियंत्रित हो जाती है।
डायबिटीज के मरीज को अक्सर सलाह दी जाती है कि उन्हें शुगर फ्री चीजें खानी चाहिए। जबकि मरीज का खाना शुगर फ्री ही नहीं बल्कि कैलोरी फ्री भी होना चाहिए। ऐसे में आपको मिठाईयों का परहेज तो करना ही चाहिए साथ में आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आप खोया, क्रीम आदि की कैलरी का सेवन न कर रहे हों।
डायबिटिज और शुगर
दो प्रकार के डायबिटिज होते है, टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटिज। इन दोनो डायबिटिज में आसानी से फर्क समझा जा सकता है। टाइप 1 डायबिटीज में, इंसुलिन-उत्पादन करने वाली कोशिकाएं आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट हो जाती हैं। जबकि टाइप 2 डायबिटीज में आपका शरीर आपके पैनक्रिया द्वारा उत्पादित होने वाले इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाता है। इन दोनों डायबिटिज में मीठा खाने का क्या लेना देना नहीं है।
कम खाएं
डायबिटीज के मरीज को कम खाना चाहिए, भले ही आप थोड़ा-थोड़ा करके खाएं लेकिन जरुर खाएं। डायबिटीज के मरीज को ज्यादा देर कई लोगों की धारणा होती है एक उम्र आने के बाद डायबिटीज होती है जबकि यह एक ऐसी बीमारी जो बच्चों को किसी भी उम्र में हो सकती है।
डायबिटिज होने के अन्य कारण
नींद पूरी न होना
कामकाज और बदलते लाइफस्टाइल के कारण लोग रात को देर से सोते हैं और सुबह भी जल्दी उठ जाते हैं। पर्याप्त नींद न लेने की वजह से डायबिटीज की समस्या हो जाती है.
कम पानी
दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना बहुत जरूरी होता है लेकिन पानी की कमी से शरीर हाइड्रेट नहीं हो पाता और ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।
देर से खाना
रात को देर से भोजन करने से शरीर को वजन बढ़ जाता है जिससे ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो जाता है और डायबिटीज की समस्या हो जाती है।
मोटापा
जिन लोगों के शरीर का वजन ज्यादा होता है और वे इसके लिए कुछ नहीं करते तो भी यह समस्या हो जाती है।
व्यायाम न करना
रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। व्यायाम न करने की वजह से शरीर में इंसुलिन लेवल बढ़ जाता है जिससे डायबिटीज होने का खतरा रहता है।
मीठा खाना
भोजन करने के तुरंत बाद मीठा खाने से ब्लड में शुगर की मात्रा तेजी से बढ़ती है और डायबिटीज की समस्या हो जाती है।
हैल्दी फूड
अपने आहार में पौष्टिक चीजें जैसे बींस, हरी सब्जियां और साबुत अनाज न लेने की वजह से भी यह समस्या हो जाती है।पैकेट बंद चिप्स और जंक फूड अधिक मात्रा में खाने की वजह से भी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications