Diabetes: गहरी सांस लेने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मिलती है मदद, दिल भी रहता है हेल्दी

डायबिटीज दुनिया भर में सबसे आम बीमारियों में से एक है। डायबिटिक रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2025 तक लगभग 134 मिलियन लोग डायबिटीक हो जाएंगे। कई ऐसी वजहें हैं, जिससे आपके ब्लड शुगर को बढाने का काम करते हैं। लाइफ स्टाइल और हेरिडिटरी कारण आपके ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करते हैं। ये अक्सर आपके ऑर्गन डैमेज का कारण बन सकते हैं। आपकी लाइफ स्टाइल, ज्यादा कैलोरी युक्त फूड स्टफ, मोटापा और तनाव जोखिम को बढ़ाते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर और तनाव को कम करने के उपाय करना महत्वपूर्ण है। इन दोनों मुद्दों को नियंत्रित करने का एक सरल और आसान उपाय है गहरी सांस लेने की टेक्निक। विशेषज्ञों के अनुसार,आपको डेली 10-15 मिनट गहरी सांस लेने से डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और ब्लड प्रेशर को भी कम किया जा सकता है और किसी भी दिल की बीमारी के जोखिम को रोका जा सकता है।

सांस और ब्लड शुगर के बीच संबंध

सांस और ब्लड शुगर के बीच संबंध

ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से शरीर के कई अंगों, जैसे कि दिल, गुर्दे और नसों को काफी गंभीर नुकसान हो सकता है। ये संभावित रूप से आपके शरीर के फेफड़ों के स्वास्थ्य और सांस लेने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। एक हेल्दी डाइट और डेली एक्सरसाइज आपके ब्रीथ पैटर्न को प्रभावी ढंग से सही कर सकता है। गहरी सांस लेने से तनाव कम करने और आपके शरीर में ग्लूकोज मैनेजमेंट में सुधार करने में भी मदद मिल सकती है।

गहरी सांस लेने से डायबिटीज को कैसे मैनेज हो सकता है?

गहरी सांस लेने से डायबिटीज को कैसे मैनेज हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 10-15 मिनट का ध्यान आपके ब्लड प्रेशर के स्तर को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है।

गहरी सांस लेने से आपके शरीर की प्रणाली भी कंट्रोल में होती है, जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करती है और आपके शरीर में इंसुलिन प्रोडक्शन को संतुलित करती है।

गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है

गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है

गहरी सांस लेने से मांसपेशियों को आराम मिलता है, नसों का फैलाव होता है और खून के बेहतर प्रवाह को बढ़ावा मिलता है। ये आपके ब्लड प्रेशर और हार्ट की परेशानियों को कम करने में भी मदद करता है।

जब आप गहरी सांसें लेते हैं, तो आपका शरीर अधिक ऑक्सीजन का यूज करता है, जिससे आपके शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है।

ये आपके शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करता है और कोर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन के उत्पादन को कम करता है।

Story first published: Wednesday, November 30, 2022, 10:49 [IST]
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