सोया के पत्ते खाएं, ब्‍लड शुगर से लेकर अनियमित पीर‍ियड के ल‍िए है औषधि

डाइबिटीज मरीजों के ल‍िए यह सोचना मुश्किल हो जाता है कि क्या खायें और क्या न खायें। डायबिटीक को हर चीज सोच समझकर खानी पड़ती है। लेक‍िन कुछ ऐसी भी खाद्य सामग्री है जिन्‍हें खाने से डायबिटीज को संतुल‍ित रखा जा सकता है। इन्‍हीं में से एक है डिल लिव्स यानी सोआ के पत्ते। ये एक तरह का सुपरफूड है। द‍िखने में ये धान‍िए की तरह द‍िखती है लेक‍िन इसे खाने के बहुत फायदे हैं।

सोआ में ऐसा हैं क्या?

सोआ में ऐसा हैं क्या?

अध्ययन के अनुसार टाइप- 2 डाइबिटिज़ रोगी के लिए फायदेमंद होता है। यह इन्सुलि‍न के फ्लक्चूऐशन को नियंत्रित करने के साथ-साथ ब्लड-शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। साथ ही ये थाइरॉयड को कंट्रोल करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को बढ़ाता है।

एंटी-कैंसर प्रॉपर्टी होती है शामिल

एंटी-कैंसर प्रॉपर्टी होती है शामिल

इसे कैंसर के इलाज में कारगर माना गया है। कई स्टडीज में दावा किया गया है कि इसमें कुछ एंटी-कैंसर प्रॉपर्टीज होती हैं जो कैंसर को दूर रखती हैं।

पीर‍ियड आते है अनियमित

पीर‍ियड आते है अनियमित

जो महिलाएं अनियमित माहवारी से परेशान है उन्‍हें सोआ का सेवन करना चाह‍िए। इससे उनके पीरियड साइकल रेग्युलर हो जाती है। इसमें मौजूद तत्व हॉर्मोंन्स का बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं।

शरीर को करें डिटॉक्‍स

शरीर को करें डिटॉक्‍स

सोआ में एंटी-ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं जो शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स और फ्री रैडिकल्स को निष्‍कासित करते है। इस वजह से हार्ट डिजीज से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है।

 ऐसे करें इस्तेमाल

ऐसे करें इस्तेमाल

सोआ का करी बनाया जाता है, जैसे- प्याज़, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च के साथ राई और जीरा का तड़का लगाकर करी को बनाया जाता है।

- सोआ का जूस भी बनाकर पी सकते हैं। सोआ के पत्तों को अच्छी तरह से धोकर ब्लेंडर में पीस लें और उसमें नींबू और एक चुटकी काला नमक डालकर सुबह या रात को ले सकते हैं।

- सोआ को आप आटा के साथ गूंदकर भी परांठा भी बना सकते हैं।

- सूप, सलाद, अचार या करी भी सोआ डालकर बना सकते हैं।

- सोआ का बीज का इस्तेमाल तड़का डालकर भी बना सकते हैं।

अगर टाइप- 2 डाइबीटिज़ के रोगी नहीं भी हैं तो ब्लड-शुगर लेवल को कम करने के लिए इसका सेवन कर सकते हैं।

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