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कॉमिक्स के नायकों से ज्यादा घातक, हॉलीवुड फिल्मों के सुपरहीरो

अध्ययन के अनुसार पहले के सुपरहीरो सामान्य काम करते थे और सामाजिक न्याय में भरोसा करते थे लेकिन हॉलीवुड के नए सुपरहीरो आक्रामक और व्यंग्यात्मक होते हैं और मुश्किल से ही कभी मानवता के लिए कुछ अच्छा करने के विषय में बोलते हैं। ब्रिटिश समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के मुताबिक विशेषज्ञों की राय है कि यदि समाज दयालुता और पुरुषों के कम पारंपरिक व्यवहार को बढ़ावा देना चाहता है तो बच्चों के लिए सुपरहीरो द्वारा खलनायकों की पिटाई के दृश्य देखना अच्छा नहीं है।
मैसाचुसेट्स विश्वविद्याल की शैरॉन लैम्ब का कहना है कि 'आयरन मैन' जैसे आधुनिक सुपरहीरो केवल स्वार्थी लक्ष्यों को प्रदर्शित करते हैं। डॉ लैम्ब ने 'अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन' के वार्षिक सम्मेलन में कहा, "आजकल की फिल्मों के सुपरहीरो और कल की कॉमिक्स किताबों के सुपरहीरो के बीच बहुत बड़ा फर्क है।"
उन्होंने कहा कि आजकल के सुपरहीरो बहुत कुछ एक्शन हीरो जैसे होते हैं जो लगातार हिंसा में भाग लेते हैं, जो आक्रामक होते हैं, व्यंग्यपूर्ण होते हैं और मानवता की भलाई के लिए बहुत मुश्किल से ही बोलते हैं। उन्होंने कहा कि जब 'आयरन मैन' जैसे सुपरहीरो अपनी सुपरहीरो वाली पोशाक में नहीं होते हैं तो महिलाओं का शोषण करते हैं और बंदूकों के साथ अपनी मर्दानगी प्रदर्शित करते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉमिक्स के सुपरहीरो अपराधियों से लड़ते थे और जब वे अपनी विशेष पोशाक में नहीं होते थे तो वास्तविक परेशानियों वाले वास्तविक लोग होते थे। लैम्ब कहती हैं कि 'सुपरमैन' और 'ग्रीन लैनटर्न' जैसे सुपरहीरो सामाजिक न्याय के लिए लड़ते हैं लेकिन सुपरहीरो की नई नस्ल केवल अपने विषय में सोचती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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