Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
बच्चे को जिंक खिलाएं वरना उन्हें ऑटिस्म हो सकता है

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक अध्ययनकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि जो बच्चे ऑटिज्म और इससे संबंधित परिस्थितियों से ग्रसित थे उनमें जस्ते का स्तर कम था। तोक्यो के इन अध्ययनकर्ताओं का यह भी कहना है कि उनके इस अध्ययन से ऑटिज्म का इलाज करने और उसे रोकने में सहायता मिलेगी। अपने इस अध्ययन में अध्ययनकर्ताओं ने ऑटिज्म या इससे संबंधित परिस्थितियों से ग्रसित तकरीबन दो हजार बच्चों के बालों में जस्ते का स्तर नापा।
इससे कम उम्र के बच्चों में जस्ते का स्तर कम होने के संकेत मिले। कुल मिलाकर, तकरीबन एक-तिहाई बच्चों में जस्ते का स्तर कम पाया गया। तीन साल तक की उम्र के 50 प्रतिशत लड़कों और 50 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियों में यह कमी पाई गई। अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वृद्धि और विकास के लिए कम उम्र के बच्चों को ज्यादा उम्र के बच्चों के मुकाबले ज्यादा जस्ते की जरूरत होती है। इसके अलावा शुरआती साल में जस्ते की कमी के कारण ऑटिज्म का प्रभाव पड़ सकता है।
साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार कुछ मामले ज्यादा गंभीर थे। दो साल के एक बच्चे में अपेक्षित मात्रा का मात्र बारहवां भाग जस्ता पाया गया। अपने निष्कर्ष में अध्ययनकर्ताओं ने कहा, पोषण संबंधी पद्धति से ऑटिज्म के इलाज और इसे रोकने में सहायता मिलेगी। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डोरोथी बिशप ने कहा, अगर भविष्य के अध्ययनों में भी जस्ते की कमी की पुष्टि होती है तो यह अस्पष्ट होगा कि क्या यह ऑटिज्म का एक कारण है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications