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रसोई में रखी ये चीजे़ करेंगी हर रोग की छुट्टी
हमारी घर की रसोई में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ और मसाले आदि हैं जिनका प्रयोग हमारे शरीर से रोगों को दूर करने के काम आ सकता है। हम बेवजह ही अपनी बीमारियों को ठीक करने के लिये डॉक्टर के चक्कर लगाते हैं, जब की हम भूल जाते हैं कि पुराने जमाने में हमारे दादा-परदादा केवल इन्हीं पर निर्भर हुआ करते थे।
MUST READ: दांतों के दर्द को दूर भगाने के घरेलू उपाय
रसोई घर में पाए जाने वाले खाद्य पदार्थ ना केवल भोजन का स्वाद ही बढ़ाने का काम करते हैं बल्कि यह बीमारियों से लड़ने के लिये दवाइयों का भी काम करते हैं।
रोग चाहे छोटा हो या फिर बड़ा इनका प्रयोग हर रोग को दूर कर देता है। घरेलू उपचार समय और पैसे बचाता है। यह प्रभावकारी भी होता है। बोल्डस्काई आज आपको कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थो के बारे में जानकारी देगा, जिसे आप दवा के रूप में पय्रोग कर सकते हैं।

1. हल्दी
हल्दी अपने औषधीय और सौंदर्यवर्धक गुणों के कारण रसोई की शान रही है। रात को सोते समय एक चुटकी हल्दी को एक गिलास दूध में उबालें। थोड़ा ठंडा होने पर इसे पी लें। ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों का खतरा कम होता है। हल्दी ब्लड शुगर को कम करती है।

2. अदरक
अदरक को ताकत और ताजगी का खजाना कहा जाता है। गठिया, आर्थराइटिस, साइटिका और सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस होने पर अदरक का इस्तेमाल किया जाता है। इनके अलावा पेचिश, सर्दी-खांसी, दमा और शरीर में दर्द के साथ बुखार, कब्ज, कान में दर्द, उल्टियां होना, मोच आना, और महिलाओं में मासिक धर्म की गड़बड़ी में भी अदरक (सोंठ) दवा के तौर पर इस्तेमाल होता है।

3. दालचीनी
दालचीनी सुगंधित, पाचक, और बैक्टीरियारोधी है। यह पेट रोग, टाइफाइड, टीबी और कैंसर जैसे रोगों में उपयोगी पाई गई हैं। दालचीनी का तेल बनता है। दालचीनी, साबुन, दांतों के मंजन, पेस्ट, चाकलेट, सुगंध के रूप में काम में आती है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम भी ठीक हो जाता है।

4. लहसुन
लहसुन का सेवन करना आपके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। लहसुन में विटामिन ए, बी, और सी पाए जाते हैं। लहसुन कैंसर जैसी भयंकर बीमारी की रोकथाम करने में आपके शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। दांत के दर्द में लहसुन का सेवन फायदेमंद है। रोज सुबह में लहसुन की 2 कली छीलकर पानी के साथ निगल लेने से हाई ब्लडप्रेशर काबू होता है। टीबी और खांसी जैसी बीमारियों को दूर करने में लहसुन लाभकारी है। यदि रोज आप लहसुन की 5 कलियां खायें तो आप हृदय संबंधी रोगों से बचे रहेगें।

5. नींबू
यह विटामिन-सी का सबसे बेजोड़ स्रोत है। गर्मी में यह शरीर को ठंडक देता है और सर्दी में ठंड के प्रकोप को दूर भगाता है। नींबू पाचक, दर्दनाशक, रक्तशोधक, रोग निवारक एवं बलवर्धक है। नीबू में साइट्रिक अम्ल, प्राकृतिक शर्करा, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन- सी होते हैं।

6. हनी
सर्दियों में तो शहद का प्रयोग विशेष लाभकारी होता है। नियमित रूप से शहद का सेवन करने से शरीर को स्फूर्ति, शक्ति और ऊर्जा मिलती है। शहद से शरीर स्वस्थ, सुंदर और सुडौल बनता हैं। शहद मोटापा घटाता भी है और शहद मोटापा बढ़ाता भी है। शहद, गाजर के जूस के साथ लेने से आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है।

7. प्याज
हार्ट प्रॉब्लम, कोलेस्ट्रॉल, ब्लडप्रेशर जैसी बड़ी बीमारियों के रोगियों को अपने भोजन में प्याज जरूर शामिल करना चाहिए। चेहरे पर मुंहासे हो तो मुंहासे पर प्याज का रस लगाएं, झांई हो तो प्याज का बीज पीसकर उसमें शहद मिलाकर लगाएं लाभ मिलेगा। प्याज के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी बहुत जल्दी दूर होती है।

8. लौंग
लौंग में अधिक मात्रा में पौषक तत्व जैसे- प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, सोडियम, विटामिन ए और सी आदि पाये जाते हैं

9. इलायची
इलायची को मसालों की रानी कहा जाता है। यह सुगंध से भरपूर होती है। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है और एरोमोथेरेपी के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल की इसमें भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसका इस्तेमाल माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है। छोटी इलायची शरीर में गैस उत्पन्न करने वाले रसायनों के प्रभाव को कम करती है और शरीर में एसिड के स्तर को नियंत्रित करती है।

10. जीरा
जिनको अस्थमा , ब्रोङ्क्रइटिस या अन्य सांस संबंधी समस्या है उन्हे जीरे का नियमित प्रयोग किसी भी रूप मे करना चाहिए। जीरा कैल्शियम और आइरन के गुणों से भरपूर होने के कारण ये दूध पिलाने वाली माताओं और गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। जिन लोगों को तनाव के कारण नींद नहीं आती है उन्हें देशी घी मे एक टी स्पून जीरा भून कर केले के साथ खाने पर नींद अच्छी आएगी ।



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