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क्या मिट्टी के मटके में रखा पानी पीना सुरक्षित है?
पारंपरिक रूप से मटके का पानी गले के लिए अच्छा होता है तथा फ्रिज के ठन्डे पानी की तुलना में इसका सेवन करना कहीं अधिक अच्छा होता है। आपने देखा होगा कि आपके परिवार के सदस्य केवल मटके का पानी पीने की सलाह देते हैं ताकि आप बीमार न पड़ें।
यदि आपको अक्सर सर्दी, खांसी और गले की खराश की समस्या रहती है तो वे ऐसा महसूस करते हैं कि मटके का पानी पीना आपके लिए ठीक नहीं है।
यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि स्टोर किये गए पानी को पहले उबालना और छानना चाहिए। इस पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा होने दें। जब यह पानी कमरे के तापमान पर पहुँच जाए तो फिर आप इसे मटके या सुराही में एकत्रित करके रख सकती हैं।
ध्यान में रखने योग्य कुछ बातें:
1. अपने मटके या सुराही को कीटाणु रहित रखें। मिट्टी का घड़ा में मैल जल्दी एकत्रित होता है। अच्छा होगा यदि हर उपयोग के बाद आप मटके को पहले घिस कर साफ़ करें, सुखाएं और उसके बाद ही उसमें पानी भरें।

2. कई लोग सुराही में पानी एकत्रित करते हैं। सुराही एक मिट्टी का बर्तन होता है जिसकी गर्दन बहुत संकरी होती है। लोगों को चौड़े मटके की तुलना में पानी एकत्रित करने के लिए यह अधिक अच्छी लगती है।

3. बाज़ार में कई तरह के मिट्टी के मटके उपलब्ध हैं। सुराही छोटी होती है जिसे संभालना आसान होता है जबकि मटके या घड़े को उठाना कठिन होता है।

4. कई लोग ऐसी सुराही रखते हैं जिसमें छोटा नल लगा हो क्योंकि इनका उपयोग करना बहुत आसान होता है।

5. यदि आप मटके का उपयोग करते हैं तो धूल, कीड़ों तथा अन्य प्रदूषकों से पानी को बचाने के लिए इसे हमेशा ढंक कर रखें।

6. मटके को एक मज़बूत मेज़ पर खिड़की के पास रखें। हवा से पानी ठंडा होता है। गर्मी के महीनों में मटके के चारों ओर गीला कपड़ा लगाकर रखें ताकि पानी जल्दी ठंडा हो सके।

7. मटके से पानी निकालने के लिए साफ़ सुथरे, लंबे करछुल का उपयोग करें। गिलास डुबाने से पानी को हाथ लगाने से पानी गंदा हो सकता है। ध्यान रखें कि मटके में कोई दरार न हो या इसके छिलके न निकलें हों तथा यदि आपके मटके से पानी लीक हो रहा हो तो इसे बदल दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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