Latest Updates
-
Navratri Va Durga Puja: नवरात्रि और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है? एक ही देवी, फिर क्यों अलग हैं दोनों पर्व -
Navratri Recipes 2026: डायबिटीज के मरीज नवरात्रि व्रत में खाएं ये 5 शुगर फ्री रेसिपी, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
मानसून में डायबिटीज के मरीज पैरों का ख्याल कैसे रखें? डॉक्टर से जानें आसान फुट केयर टिप्स -
Navratri 2026: गरबा में दिखना है स्टाइलिश? ट्राई करें ये 6 एवरग्रीन ब्लाउज डिजाइन -
पाकिस्तानियों से इतने साल ज्यादा जीते हैं भारतीय, WHO की रिपोर्ट में सामने आई औसत उम्र और मौत की वजह -
रूस में प्लेग का खौफ! महिला रिसर्चर की मौत के बाद 200 लोग किए गए क्वारंटीन, जानें कैसे फैलती है ये बीमारी -
World Cerebral Palsy Day 2026: बच्चों को विकलांग बना देती है यह बीमारी, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज -
Indira Ekadashi Vrat Katha: इंदिरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, पितरों को मिलता है मोक्ष -
Indira Ekadashi 2026: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय...इंदिरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Navratri Vrat Recipes: नवरात्रि के लिए पहले ही बना लें ये स्वादिष्ट फलाहारी नमकीन, नौ दिन तक नहीं होगी खराब
क्या मिट्टी के मटके में रखा पानी पीना सुरक्षित है?
पारंपरिक रूप से मटके का पानी गले के लिए अच्छा होता है तथा फ्रिज के ठन्डे पानी की तुलना में इसका सेवन करना कहीं अधिक अच्छा होता है। आपने देखा होगा कि आपके परिवार के सदस्य केवल मटके का पानी पीने की सलाह देते हैं ताकि आप बीमार न पड़ें।
यदि आपको अक्सर सर्दी, खांसी और गले की खराश की समस्या रहती है तो वे ऐसा महसूस करते हैं कि मटके का पानी पीना आपके लिए ठीक नहीं है।
यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि स्टोर किये गए पानी को पहले उबालना और छानना चाहिए। इस पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा होने दें। जब यह पानी कमरे के तापमान पर पहुँच जाए तो फिर आप इसे मटके या सुराही में एकत्रित करके रख सकती हैं।
ध्यान में रखने योग्य कुछ बातें:
1. अपने मटके या सुराही को कीटाणु रहित रखें। मिट्टी का घड़ा में मैल जल्दी एकत्रित होता है। अच्छा होगा यदि हर उपयोग के बाद आप मटके को पहले घिस कर साफ़ करें, सुखाएं और उसके बाद ही उसमें पानी भरें।

2. कई लोग सुराही में पानी एकत्रित करते हैं। सुराही एक मिट्टी का बर्तन होता है जिसकी गर्दन बहुत संकरी होती है। लोगों को चौड़े मटके की तुलना में पानी एकत्रित करने के लिए यह अधिक अच्छी लगती है।

3. बाज़ार में कई तरह के मिट्टी के मटके उपलब्ध हैं। सुराही छोटी होती है जिसे संभालना आसान होता है जबकि मटके या घड़े को उठाना कठिन होता है।

4. कई लोग ऐसी सुराही रखते हैं जिसमें छोटा नल लगा हो क्योंकि इनका उपयोग करना बहुत आसान होता है।

5. यदि आप मटके का उपयोग करते हैं तो धूल, कीड़ों तथा अन्य प्रदूषकों से पानी को बचाने के लिए इसे हमेशा ढंक कर रखें।

6. मटके को एक मज़बूत मेज़ पर खिड़की के पास रखें। हवा से पानी ठंडा होता है। गर्मी के महीनों में मटके के चारों ओर गीला कपड़ा लगाकर रखें ताकि पानी जल्दी ठंडा हो सके।

7. मटके से पानी निकालने के लिए साफ़ सुथरे, लंबे करछुल का उपयोग करें। गिलास डुबाने से पानी को हाथ लगाने से पानी गंदा हो सकता है। ध्यान रखें कि मटके में कोई दरार न हो या इसके छिलके न निकलें हों तथा यदि आपके मटके से पानी लीक हो रहा हो तो इसे बदल दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
