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तरबूज की मिठास पर ना जाएं, इन तरीकों से जानें कहीं आप इंजेक्शन वाला तरबूज तो नहीं खा रहे हैं?
गर्मी का मौसम है तो इस मौसम में मौसमी फलों का सेवन करके हम कई बीमारियों से बच सकते हैं। इस मौसम में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए ज्यादात्तर लोग तरबूज और वाटर कंटेट फलों का सेवन करते हैं। गर्मियों में कुछ ऐसे फल भी हैं तो पानी की कमी को दूर करते हैं। इन्हीं फलों में से एक है, तरबूज।
गर्मी में मिलने वाला ऐसा फल है जिसमें विटामिन A 11%, विटामिन C 13%, कैल्शियम , आयरन 1%, विटामिन D, विटामिन B6 और मैग्नीशियम पाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि तरबूज की हर बाईट में 94 प्रतिशत पानी और 6 प्रतिशत शुगर होता है। लेकिन कहीं आप फ्रेश दिखने और मीठे तरबूज खाने के चक्कर में कहीं आप नकली और नुकसान पहुंचाने वाला तरबूज तो नहीं खा रहे।
एक रिपोर्ट के अनुसार तरबूज का रंग बढ़ाने और टेस्ट बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला केमिकल आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। आजकल सिर्फ तरबूज में नहीं बल्कि हर तरह के फल और सब्जियों को इंजेक्शन के जरिए नकली तरीके से पकाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं।
तरबूज गर्मियों में बहुत लोगों का पसंदीदा फल होता है। आइए जानते है कि कैसे आप इंजेक्शन वाले तरबूज की पहचान कर सकते हैं। ऐसे करें इंजेक्टेड तरबूज की पहचान -

ये केमिकल मिलाए जाते है
तरबूज को मीठा और लाल रंग का दिखाने के लिए ऑक्सीटोक्सिन, सोडियम सैकरीन और सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा सैकरीन नामक केमिकल के इस्तेमाल से तरबूज को मीठा किया जाता है।

रंगों से पहचानें
तरबूज बेल पर उगता है, अपने भार की वजह से ये जमीन पर होता है। जमीन पर होने की वजह से इसके निचले हिस्से का रंग उड़ा होता है या फीका दिखता है। ऊपर का रंग नॉर्मल हरा होता है। अगर तरबूज इंजेक्टेड है, तो तरबूज चारों तरफ से दिखने में एक जैसा होगा। इसका मतलब उसे आर्टिफिशियल तरीके से हरा किया गया है।

पानी की तरकीब अजमाएं
तरबूज के अंदर के एक टुकड़े को काट कर एक पानी के बर्तन में डालिए और थोड़ी देर के लिए छोड़ दीजिए। नकली तरीके से लाल किए गए तरबूज को पानी में डालने से पानी का रंग हल्का गुलाबी या लाल हो जाएगा।

छिलकों से पहचानें
तरबूज को काटने पर यदि इसके मोटे छिलके के भीतर के हिस्से में रंग हल्का सफेद या हरा सा हो तो मानिए यह प्राकृतिक पका है। अगर छिलकों सहित लाल हिस्सा आ रहा है तो मान लीजिए यह तरबूज नकली और केमिकलयुक्त है।

स्वाद से पहचानें
तरबूज बहुत अधिक मीठा नहीं होता है। अगर आपको तरबूज खाने में बहुत मीठा लगें तो समझ जाइए कि ये केमिकलयुक्त तरबूज है।



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