Latest Updates
-
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासू मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि
Donald Trump को है ये बीमारी, कंट्रोल नहीं करने पर हो सकती है दिल की बीमारी, बचने के लिए करें ये काम
अमेरिकी चुनाव के रिजल्ट सामने आ चुके हैं, एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बन गए हैं। पूरी दुनिया की नजर अमेरिका चुनावों पर थी, अब जब नतीजे सामने हैं, तो चारों तरफ ट्रंप के चर्चे हैं। ट्रंप अमेरिका के उम्रदराज राष्ट्रपति में से एक हैं, इसलिए इनके राष्ट्रपति बनते ही हर कोई इनकी मेडिकल फिटनेस की बात कर रहा है। पहले भी कई बार ट्रंप सेहत को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक उनकी उम्र और हालिया स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए यह संभावना है कि उनके मेडिकल चेकअप और डॉक्टरों की निगरानी में ही उनकी सेहत का ख्याल रखा जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप किसी बीमारी से गुजर रहे हैं, अगर हां तो क्या है वो बीमारी है?

डोनाल्ड ट्रंप की सेहत
डोनाल्ड ट्रंप की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं बनी रहती हैं, उनकी फिटनेस और स्वास्थ्य पर कैंपेन के दौरान सवाल उठाए गए थे। हालांकि, उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई भी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है, जिससे वजह से उनकी बीमार होने की अटकले लगते रहते हैं।
उनकी टीम के सदस्य कैनेडी जूनियर ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर कहा है कि ट्रंप पूरी तरह फिट हैं। कैनेडी ने यह भी बताया कि ट्रंप ने कभी सिगरेट या अन्य नशा नहीं किया है, लेकिन उम्र के चलते उन्हें अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना पड़ता है। दूसरी ओर, इलेक्शन कैंपेन के दौरान कमला हैरिस ने अपने हेल्थ रिकॉर्ड जारी किए थे, जिससे वजह से ट्रंप की फिटनेस और मेंटल हेल्थ पर भी सवाल उठाए थे।
डोनाल्ड ट्रंप को है हेल्थ इश्यूज
ट्रंप बढ़ते वजन मोटापा के वजह से उन्हें ओबेसिटी से पीड़ित माना जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में उनका वजन 108 किलो था, वहीं, साल 2020 में उन्हें हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो गई थी। इसकी वजह से उन्हें एक कॉमन हार्ट डिजीज है, जिसे कोलेस्ट्रॉल मैनेज करके आसानी से कम किया जा सकता है। जिसका निदान मेयो क्लिनिक नहीं किया था।
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप की फैमिली को Dementia नामक जेनेटिक बीमारी है। हालांकि, ट्रंप ने जनता को आश्वासन दिया है कि वे नियमित तौर पर अपना कॉग्निटिव टेस्ट कराते हैं और मानसिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ हैं। उनका कहना है कि वे फिट हैं और अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रख रहे हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल कैसे दिल के लिए है खतरनाक
हाई कोलेस्ट्रॉल का दिल पर सीधा असर पड़ता है, खासकर जब LDL (लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन) का स्तर बढ़ जाता है। इसे "बुरा कोलेस्ट्रॉल" भी कहा जाता है क्योंकि यह नसों के अंदर फैट जमा कर सकता है। इस जमाव से नसें संकरी हो जाती हैं, जिससे दिल तक पर्याप्त रक्त प्रवाह में बाधा आती है। नतीजतन, दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति सीमित हो जाती है।
इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं, जो हार्ट अटैक, एंजाइना (सीने में दर्द), और स्ट्रोक का कारण बन सकता है। समय के साथ, उच्च LDL का स्तर हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा देता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है, जिसमें स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाइयाँ मदद कर सकती हैं।
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए कर सकते हैं ये काम
- हेल्दी डाइट
- फाइबर का इनटेक बढ़ाएं
- नियमित व्यायाम
- वजन को कंट्रोल करें
मोटापा का दिल पर असर
मोटापे के कारण रक्तचाप बढ़ जाता है। अधिक वजन होने से हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर अधिक दबाव पड़ता है। मोटापे में अक्सर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ जाता है, जबकि अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर कम हो सकता है। इससे धमनियों में फैट जमा होने लगता है, जो दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











