Latest Updates
-
ये है विराट कोहली की एनर्जी का राज? दोपहर में खाते हैं ये सीक्रेट सलाद, जानें फायदे और नोट कर लें रेसिपी -
Dhaba Style Chole Chawal Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा चटपटा स्वाद -
World Environment Day 2026: 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
Surya Grahan 2026: कर्क राशि में लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट -
World Environment Day: नेचर थेरेपी है तनाव व एंग्जायटी का इलाज, जानें हरी घास पर नंगे पैर चलने के जादुई फायदे -
Sweet Rajasthani Style Churma Recipe: घर पर बनाएं पारंपरिक स्वाद वाला दानेदार चूरमा -
Aaj Ka Rashifal 04 June 2026: गुरुवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Restaurant Style Mushroom Masala Recipe: घर पर पाएं होटल जैसा क्रीमी और मसालेदार स्वाद -
Aamir Khan Third Marriage: कौन हैं गौरी स्प्रैट? जिनके साथ तीसरा निकाह करने जा रहे आमिर खान, डेट हुई रिवील! -
गाजर के अर्क से बना नकली देसी घी लैब टेस्ट में पास, जानें ये सेहत के लिए कितना खतरनाक?
मिर्गी का दौरा आने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं? ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
Epilepsy: मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मरीज को अचानक दौरे पड़ सकते हैं। हालांकि, आज भी इसे लेकर लोगों के बीच कई गलतफहमियां मौजूद हैं। दौरा पड़ने पर अक्सर लोग घबरा जाते हैं और सही मदद करने के बजाय ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे मरीज की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या चाहिए, किन गलतियों से बचना चाहिए और इससे कैसे राहत पाई जा सकती है। आइए, डॉ उत्कर्ष भगत, निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार (न्यूरोसर्जरी), नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम से जानते हैं -

मिर्गी क्या है?
डॉक्टर उत्कर्ष भगत के अनुसार, मिर्गी दिमाग से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों में अचानक असामान्यता आ जाती है। इसके कारण व्यक्ति को दौरे पड़ सकते हैं। यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है, इसलिए किसी मरीज के संपर्क में आने, उसके साथ रहने या उसे छूने से मिर्गी नहीं फैलती।
मिर्गी के दौरे के लक्षण
मिर्गी के लक्षण हर मरीज में अलग-अलग हो सकते हैं। आम लक्षणों में शामिल हैं -
अचानक बेहोश हो जाना
हाथ-पैरों में झटके आना
शरीर अकड़ जाना
आंखें पलट जाना
मुंह से झाग निकलना
जीभ कट जाना
कुछ देर बाद बहुत थकान या नींद आना,
कुछ सेकंड तक खाली नजरों से देखना
मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़े, तो सबसे पहले शांत रहें और मरीज को सुरक्षित जगह पर लिटा दें ताकि उसे चोट न लगे।
मरीज उसके सिर के नीचे कोई मुलायम चीज रख दें और उसे करवट के बल लिटाने की कोशिश करें, जिससे सांस लेने में परेशानी न हो।
आसपास मौजूद नुकीली या खतरनाक वस्तुओं को हटा दें। दौरा कितनी देर तक चला, इसका समय भी नोट कर लें, क्योंकि यह जानकारी डॉक्टर के लिए महत्वपूर्ण होती है।
मिर्गी के दौरे में क्या नहीं करना चाहिए?
मिर्गी का दौरे पड़ने के दौरान कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए। मरीज के मुंह में चम्मच, कपड़ा या उंगली न डालें, न ही उसे पानी या दवा पिलाने की कोशिश करें। शरीर को जबरदस्ती पकड़कर रोकना भी खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा। झाड़-फूंक, जूता सुंघाने या अन्य अंधविश्वासों का सहारा न लें। अधिकांश मामलों में दौरा कुछ मिनटों में अपने आप रुक जाता है।
दौरा रुकने के बाद क्या करें?
मिर्गी का दौरा खत्म होने के बाद मरीज को आराम करने दें और उसके आसपास का माहौल शांत रखें। कई बार मरीज कुछ समय के लिए भ्रमित या घबराया हुआ महसूस कर सकता है, इसलिए उसे धैर्य के साथ स्थिति समझाएं। साथ ही, उसे शर्मिंदा या असहज महसूस न होने दें। यदि दौरे के दौरान जीभ कट गई हो या किसी तरह की चोट लगी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कब लें तुरंत मेडिकल मदद?
कुछ परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर या एम्बुलेंस की मदद लेनी चाहिए। यदि दौरा 5 मिनट से अधिक समय तक चले, एक के बाद एक कई दौरे पड़ने लगें, मरीज को सांस लेने में परेशानी हो, पहली बार दौरा पड़ा हो या दौरा खत्म होने के बाद भी उसे होश न आए, तो बिना देरी किए मेडिकल सहायता प्राप्त करें।
मिर्गी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये उपाय
दवाओं का नियमित सेवन करें
डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं समय पर और नियमित रूप से लेना मिर्गी को नियंत्रित रखने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।
इलाज बीच में न छोड़ें
बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवा बंद करने से दौरे दोबारा आ सकते हैं और स्थिति गंभीर हो सकती है।
पर्याप्त नींद लें
पूरी और अच्छी नींद दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करती है, जबकि नींद की कमी दौरे का जोखिम बढ़ा सकती है।
तनाव पर नियंत्रण रखें
मानसिक तनाव, चिंता और अत्यधिक दबाव कई मरीजों में दौरे का कारण बन सकते हैं, इसलिए तनाव कम करने की कोशिश करें।
नशे से दूरी बनाएं
शराब और अन्य नशीले पदार्थ मिर्गी के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं और दौरे की संभावना बढ़ा सकते हैं।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यवस्थित दिनचर्या मिर्गी के बेहतर प्रबंधन में सहायक साबित हो सकती है।
क्या मिर्गी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
मिर्गी के मरीजों और उनके परिजनों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या इस बीमारी का स्थायी इलाज संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई मामलों में मिर्गी को दवाओं की मदद से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ मरीजों में लंबे समय तक दौरे नहीं आते और डॉक्टर की निगरानी में उनकी दवाएं धीरे-धीरे कम या बंद भी की जा सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications