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मथुरा में 50 से ज्यादा लोग हुए फ़ूड पॉइज़निंग के शिकार, जानें कैसे करें असली कुट्टू के आटे की पहचान
Food Poisoning Incident In Mathura: जन्माष्टमी के दौरान मथुरा के एक गांव में 50 से ज़्यादा लोगों को फ़ूड पॉइज़निंग का सामना करना पड़ा। महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन लोगों ने रात में कुट्टू के आटे से बने पकौड़े खाए थे। इसके बाद से लोगों की तबियत बिगड़ने लगी। लोगों में चक्कर, उल्टी और कंपन जैसे लक्षण नजर आने लगे।

स्थानीय दुकान से खरीदा गया था कुट्टू का आटा
गांव की एक स्थानीय दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा गया था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। इस आटे के इस्तेमाल से परखम, बड़ौदा, मखदूम खैरात और अन्य इलाकों के ग्रामीण फूड पॉइजनिंग से प्रभावित हुए हैं। ऐसा संदेह है कि या तो आटे की गुणवत्ता खराब थी या फिर उसमें कोई जहरीला पदार्थ था।
कुट्टू के आटे के फायदे
कुट्टू का आटा बहुत पौष्टिक होता है। इसमें प्रोटीन और मैग्नीशियम, विटामिन बी, आयरन, कैल्शियम, फोलेट, जिंक और कॉपर जैसे ज़रूरी खनिज होते हैं। ये पोषक तत्व इसे उपवास के दौरान एक अच्छा विकल्प बनाता है।
व्रत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है कुट्टू का आटा
कुट्टू का आटा व्रत के दौरान खाने में बहुत उपयोगी होता है। इसका इस्तेमाल पूरी, पराठे, पकौड़े और चीला बनाने में किया जाता है। हालांकि, बहुत से लोग नहीं जानते कि इसमें की गयी मिलावट की पहचान कैसे की जाती है। दिलचस्प बात यह है कि नाम के बावजूद कुट्टू अनाज नहीं है। इसके इस्तेमाल और दिखने के कारण इसे अक्सर अनाज समझ लिया जाता है। इस गलत धारणा के कारण बाजार में अक्सर मिलावट होती है।
कैसे पहचानें कुट्टू के आटे में मिलावट हुई है या नहीं
नकली कुट्टू का आटा आम तौर पर शुद्ध आटे के रूप में बेचा जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपको असली आटा मिल रहा है, असली कुट्टू के आटे की पहचान करने के कुछ आसान तरीके हैं।
आटे का रंग एक महत्वपूर्ण संकेत है। असली कुट्टू के आटे का रंग गहरा भूरा होता है। अगर आटे का रंग हल्का दिखाई देता है, तो संभवतः उसमें मिलावट है।
एक अन्य विधि में आटे में पानी मिलाया जाता है। असली कुट्टू गिलास के नीचे बैठ जाएगा, जबकि कोई भी मिलावट ऊपर तैर जाएगी।
आटे को गूंथने से भी उसकी असलीयत का पता चल सकता है। अगर गूंथते समय आटा आसानी से टूट जाए तो इसका मतलब है कि आटा नकली है और उसमें छेड़छाड़ की गई है।
इन पहचान विधियों को समझने से उपभोक्ताओं को नकली उत्पाद खरीदने से बचने में मदद मिल सकती है और यह सुनिश्चित हो सकता है कि उन्हें असली कुट्टू के आटे के पूर्ण पोषण संबंधी लाभ मिलें। इन सरल परीक्षणों की मदद से आप बिना मिलावट वाला असली कुट्टू का आटा खरीद सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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