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Ganesh Chaturthi : भगवान गणेश को क्यों चढ़ाया जाता है मोदक, जानें इसे खाने के फायदे
Modak khane ke fayde : हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक भगवान गणेश को भोजन का शौकीन माना जाता है। इसलिए उनकी पूजा के दौरान भोग का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। गणेश चतुर्थी पर बप्पा को चढ़ाए जाने वाले भोग में से एक हैं मोदक। जिसे वो खूब चाव से खाते हैं।
पौराणिक शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान गणेश को मोदक बहुत प्रिय हैं। गणेश की पूजा का प्रसाद में भी लोगों में मोदक का ही वितरण किया जाता है। मोदक न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के भी काफी फायदेमंद माना जाता है।
चावल का आटा, घी, नारियल, गुड, ड्राई फ्रूट्स से तैयार मोदक का सेवन करने से सेहत को काफी फायदा पहुंचता है। मोदक की खास बात ये है कि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं वो भी अपने डाइट प्लान में मोदक को शामिल कर सकते हैं।

कब्ज से दिलाता है छुटकारा
मोदक बनाने में घी का इस्तेमाल किया जाता है। घी कब्ज से राहत दिलाने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। दरअसल, घी आंतों की श्लेष्मा की परत को दोबारा बनाने का काम करता है, जिसकी वजह से कब्ज और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं से राहत मिलती है।
ब्लड प्रेशर होता है कम
मोदक को बनाने में नारियल का इस्तेमाल किया जाता है। नारियल में ट्राइग्लिसराइड्स पाया जाता है। ट्राइग्लिसराइड्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में काफी मददगार साबित होता है।
डायबिटीज को रखें कंट्रोल
मोदक में एंटी-एजिंग मिश्रण होता है, जो थायरॉयड ग्रंथियों को हेल्दी रखता है। इसके अलावा मोदक का सेवन करने से डायबिटीज को भी कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।
वेटलॉस करता है
मोदक को बनाने के लिए गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। मोदक में ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम मात्रा में पाया जाता है। ये वजन घटाने में मदद करता है। वजन घटाने के दौरान जिन लोगों को मीठा खाने की क्रेविंग होती है, वो मोदक का सेवन कर सकते हैं।
कहां से शुरु हुई मोदक चढ़ाने की परांपरा
भोग लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भोग में चढ़ाये जाने वाला पकवान नरम हो। ऐसी मान्यता है कि जब भगवाग परशुराम और गणपति का युद्ध हुआ तो परशुराम जी के परशु प्रहार से गणेश जी का एक दांत आधा टूट गया, जिसकी वजह से उन्हें भोजन करने में बहुत परेशानी हो रही थी तो माता पार्वती ने उनके लिए विशेष प्रकार का नरम खाना बनाया ताकि उन्हें भोजन करते समय किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो।
तभी से गणपति को नरम प्रकार के मोदक व पकवानों का भोग लगाये जाने की परंपरा शुरू हो गई।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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