हेल्थ एक्सपर्ट ने गठिया से जुड़े मिथकों का किया खुलासा, बताया सच

गठिया रोग एक ऐसी स्थिति है जो हमारी हड्डियों और ज्वाइंट पर असर डालती है और इसकी वजह से हमारी हड्डियों और जॉइंट में दर्द होता और स्टिफनेस हो जाती है।

यह स्थिति कई लोगों में देखी जाती है और इस वजह से इससे जुड़े कुछ मिथकों पर भी लोग विश्वास करते हैं। तो चलिए आपको गठिया रोग से जुड़े मिथकों के बारे में बताते हैं।

Arthritis

मिथक 1 : बारिशों के मौसम में जोड़ों में अधिक दर्द होना

फैक्ट : कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण इस दावे का समर्थन नहीं करता है कि बारिश के दौरान आपके जोड़ों में अधिक दर्द होता है। हो सकता है कि आपके दिमाग में काफी वक्त से विचार हो और इस वजह से आप इस मिथक पर भरोसा करने लगे हों। गठिया की परेशानी पूरे साल रहती है और यह केवल तभी बिगड़ती है जब आप जोड़ों से जुड़ी अपनी एक्सरसाइज या फिर दवाइयों का सेवन नहीं करते हैं।

मिथक 2 : गठिया रोग बुजुर्गों को अधिक होता है

फैक्ट : गठिया बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं है लेकिन गठिया का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है, यह बच्चों सहित किसी को भी हो सकता है। जुवेनाइल आर्थराइटिस एक तरह की ऑटोइम्यून बीमारी है जो 16 साल और उससे कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता है।

मिथक 3 : सभी जोड़ों की परेशानी गठिया के कारण होती है

फैक्ट : गठिया जोड़ों के दर्द का एक सामान्य कारण है, ल्यूपस, बर्साइटिस और टेंडोनाइटिस जैसी अन्य स्थिति में भी दर्द का कारण बन सकती हैं। चोट या संक्रमण के कारण भी जोड़ों में तकलीफ हो सकती है।

मिथक 4 : अगर परिवार में किसी को गठिया है तो मुझे भी होगा

फैक्ट : जेनेटिक्स आपके गठिया होने की संभावना को बढ़ाती है, इसका कोई आश्वासन नहीं है कि आपको सच में ये समस्या होगी। यदि आपके घर में गठिया से पीड़ित हैं, जैसे कि आपकी माता, पिता, भाई, इत्यादि, तो आपको सुरक्षा उपाय करना शुरू कर देना चाहिए।

मिथक 5 : गठिया आपकी उंगलियों के चटकने के कारण होता है

फैक्ट : आपने शायद सुना होगा कि उंगलियां को चटकाने से गठिया हो सकता है। हालांकि, यह एक मिथक है। हालांकि आपकी उंगलियां चटकने से आपके आसपास के लोगों को परेशानी हो सकती है, लेकिन इससे गठिया नहीं होता है।

मिथक 6 : गठिया बुजुर्गों की बीमारी है और युवाओं को नहीं हो सकती

फैक्ट : हालांकि गठिया वृद्ध लोगों में अधिक होता है लेकिन यह बच्चों और युवा वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है। बच्चों में गठिया का सबसे प्रचलित प्रकार किशोर इडियोपैथिक गठिया है (जिसे बचपन के गठिया या किशोर संधिशोथ के रूप में भी जाना जाता है), जो जोड़ों को अपरिवर्तनीय शारीरिक क्षति पहुंचा सकता है।

हम उम्मीद करते हैं कि इन मिथकों को जानने के बाद आपको भी गठिया के बारे में काफी नई चीजों के बारे में पता चला होगा और अगर आप एक स्वस्थ जीवनशैली का पालन करते हैं तो आपको इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने का खतरा कम होता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, June 4, 2023, 16:00 [IST]
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