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दिल के दौरे को रोकने के 30 प्रकार
हार्ट अटैक का खतरा दुनिया में किसी भी जानलेवा खतरे के मुकाबला कहीं ज्यादा होता है। हृदय हमारे शरीर में सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि यह दिन के 24 सों घंटे धड़कता रहता है। कोरोनरी धमनी के माध्यम से दिल की मासपेशियों को रक्त की आपूर्ति होती रहती है और इसी प्रकार से दिल की पेशियां जीवंत रहकर कार्यक्षम बनी रहती हैं।
जब इन रक्त वाहिकाओ में खून का थक्का जमने से रक्त परिभ्रमण रूक जाता है तो हर्ट अटैक का दौरा पड़ जाता है। हृदय की जिन मासपेशियों को रक्त की आपूर्ति नहीं होती है वे मरने लगती है।
हार्ट अटैक महसूस होने के बाद के 1 से 2 घंटे रोगी के जीवन को बचाने की दृष्टि से अत्यंत जरुरी होते हैं, इसलिये आज हम आपको हार्ट अटैक से बचने के लिये 30 महत्वपूर्ण तरीके बताने जा रहे हैं। इन तरीको को रोजाना आजमाएं और हृदय घात से छुटकारा पाएं।

1. व्यायाम
शारीरिक स्वास्थ्य बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम के कुछ सर्वसम्मत लाभ हैं। अध्ययनों से यह पता चला है कि नियमित व्यायाम करने से दिल के दौरे और हृदय की अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है।

2. डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट में निहित फ़्लवोनोएड्स में अनुत्तेजक कारक होते हैं जो रक्त में कोलेस्ट्राल के स्तर को कम करने के अलावा धमनियों को लचीला भी बनाये रखते हैं। डार्क चॉकलेट रक्त में सेरोटिन के स्तर को बढ़ाती है और शारीरिक झटकों से उचित बहाली में सहायक है।

3. बीयर
लाईट बीयर में हृदय के लिए लाभदायक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो रक्त में खराब कोलेस्ट्राल के स्तर को कम करते हैं। प्रतिदिन कुछ मात्रा में बीयर पीने से प्रतिरोधक क्षमता के लिए बहुत अच्छा होता है। हालाँकि इसकी मात्रा सीमित होनी चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा में लेने से ये फायदे के स्थान पर नुकसानदायक हो सकती है।

4. विटामिन बी कॉम्प्लेक्स
विटामिन बी के संपूरकों का नियमित उपयोग करने से होमोसिसटेन का स्तर कम हो जाता है, एक ऐसा पदार्थ जो दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ता है| रक्त वाहिकाएं भी उचित रूप से फ़ैल जाती हैं जिससे रक्त परिसंचरण में सुधार आता है|

5. स्लीप एपनिया
सामान्य रूप से स्नोरिंग (खर्राटे लेना) के नाम से जाने जाने वाला, स्लीप एपनिया पुरुषों के बीच दिल की बीमारियों का मुख्य कारण है| नींद के दौरान छुटपुट या संकीर्ण सांस आराम में बाधा डालती है| इससे सुधार चक्र खराब होता है इससे भविष्य में हृदयाघात की संभावना बढ़ जाती है|

6. नींद
वे लोग जो सात घंटे से कम सोते हैं उन्हें ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्राल स्तर वाले लोगों की तुलना में दिल की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है|

7. मछली
मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड से परिपूर्ण होती है जो धमनी कोशिकाओं के नवीनीकरण और रक्त में कोलेस्ट्राल के उचित स्तर को बनाये रखने में सहायक होता है| इसके अलावा यह धमनियों के तन्तुविकसन को भी कम करता है| खारे पानी की मछलियों जैसे हलिबेट, कॉड और सालमोन, को सप्ताह में दो बार खाने से हृदय का स्वास्थ्य अच्छा रहता है|

8. हाई फाबर (उच्च रेशा युक्त) नाश्ता
सुबह के समय ग्लायकेमिक का स्तर निम्न होने के कारण उच्च रेशा युक्त नाश्ता मेटाबालिक (चयापचय) दर को बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा होता है| अध्ययन यह दर्शाते हैं कि वे लोग जो बहु अनाज युक्त नाश्ता करते हैं उनमें दिल की बीमारी होने की संभावना उन लोगों की तुलना में कम होती है जो यह नहीं करते|

9.अलसी
अलसी के बीज इष्टतम हृदय स्वास्थ्य के लिए चमत्कार के समान हैं| फाइबर की अच्छी मात्रा और और आवश्यक वसा होने के कारण ये बीज पूरे, पीसकर या पकाने के तेल के रूप में खाए जा सकते हैं|

10. लहसुन
तीखे स्वाद वाली यह लौंग कोलेस्ट्राल को घटाने में सहायक है| यह हार्मोनल गतिविधि को बढ़ा देता है और रक्त की अशुद्धताओं को दूर करता है| प्रतिदिन एक या दो लौंग खाने से हृदय का स्वास्थ्य अच्छा रहता है|

11. चाय
चाहे काली या हरी हो, चाय सर्वसम्मति से हृदय के स्वास्थ्य में प्रभावकारी है| इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट द्रव के नियंत्रण को नियमित करता है और धमनियों को स्वच्छ करता है और कोलेस्ट्रालके स्तर को कम करता है| वे लोग जो प्रतिदिन दो कप चाय पीते हैं उनके जीवनकाल में हृदयाघात की संभावना केवल 11% होती है|

12. हेज़लनट (पहाडी बादाम)
प्रतिदिन 425 ग्राम हेज़लनट खाने से हृदय की धमनियों में रूकावट का खतरा 16% तक कम हो जाता है| इसका आवश्यक तेल घटक हृदय की नाज़ुक कोशिकाओं और रक्त वाहिनियों के लिए लाभकारी होता है| चाहे इसे पूरा खाएं या पीसकर या भूनकर खाएं आपके प्रतिदिन के भोजन का एक उत्तम घटक है|

13. फलियाँ
हृदय के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए फलियों को अपने भोजन में शामिल करें| फाइबर और खनिजों से समृद्ध फलियाँ पोषकों की उचित मात्रा प्रदान करती है जिससे हृदय का कार्य सुचारू रूप से चल सके|

14. सेक्स
इष्टतम शारीरिक कार्यों को बनाए रखने के लिए एक अच्छा यौन जीवन आवश्यक है और इससे हृदय का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है| सेक्स हार्मोन्स के उत्पादन, प्राकृतिक स्थिरता और नाड़ियों की शक्ति को बढ़ाता है| अध्ययन यह दर्शाते हैं कि सप्ताह में दो बार सेक्स करने वाले व्यक्तियों को 50 वर्ष की आयु में हृदयाघात की संभावना उन लोगों की तुलना में कम होती है जो नहीं करते|

15. एकोस्प्रिन
एकोस्प्रिन का अनुत्तेजक पाउडर रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) और भावनात्मक चिंता को कम करता है| हालाँकि यह केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें|

16. चेरीज़
ये छोटी गोलियां दिल की बीमारी का खतरा कम करने के लिए चमत्कारिक हैं| किये गए अध्ययनों से पता चलता है कि अंथोसिने पिगमेंट जो चेरीज़ के रंग के लिए ज़िम्मेदार होता है यूरिक एसिड की मात्रा घटाने के लिए सहायक होता है| रक्त में यूरिक एसिड की अतिरिक्त मात्रा होने से दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है| चेरी को साबुत, सुखाकर या उसका रस रस पीने से हृदय का स्वास्थ्य अच्छा रहता है|

17. बीन्स
बीन्स में फोलिक एसिड की मात्रा अधिक होती है और यह रक्त की तरलता बनाये रखने के लिए आवश्यक है जिसके बिना हृदय का स्वास्थ्य अच्छा रहना असंभव है| प्रतिदिन एक कप बीन्स खाने से आपको वे सभी पोषक तत्व मिलते हैं जो आपके हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है|

18. संतरे
संतरे में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जो कोलेस्ट्राल के स्तर को कम करता है और धमनियों की रूकावट को दूर करता है| संतरा एक बहुआयामी फल है जिसे या तो खाया जा सकता है या इसका रस बनाया जा सकता है| अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन एक संतरा अवश्य खाएं|

19. वातित पेय पदार्थ टालें
वातित पेय पदार्थ शरीर को रिक्त कैलोरी प्रदान करते हैं जिससे रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है| ये व्यावसायिक पेय पदार्थ स्थूलता और दिल की बीमारी के लिए ज़िम्मेदार होते हैं| इनके स्थान पर पानी या फलों का रस पीना दिल को खराब होने से बचाता है|

20.पानी
उचित जल योजन रक्त की तरलता को बनाये रखता है और आंतरिक जमावट की संभावना को कम कर देता है| प्रतिदिन 2.5 लीटर पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और कोलेस्ट्राल का स्तर संतुलित रहता है|

21. अदरक
प्रज्वलनशीलता दिल के दौरे के अनेक कारणों में से एक है| अत: प्रज्वलनशीलता को दूर करने वाले संपूरकों को शामिल करके हृदय की बीमारियों को दूर रखा जा सकता है|

22. मूत्राशय पर नियंत्रण
हाल ही में किये गए अध्ययनों में यह पता चला है कि वे लोग जो मूत्राशय पर बहुत अधिक नियंत्रण रखते हैं उन्हें दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है, जबकि थोडा सा एहसास होने पर जो लोग स्वयं को मुक्त कर लेते हैं उनमें यह संभावना कम होती है| मूत्राशय के अधिक मात्रा में भर जाने से धड़कन बढ़ जाती है जिससे धमनियां सिकुड़ने लगती हैं जिसके परिणामस्वरूप दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है| समय पर मूत्र उत्सर्जन करना न केवल दिन का संरक्षण करता है बल्कि भविष्य में होने वाले प्रोस्टेट की समस्याओं के खतरे को भी कम कर देता है|

23. नियमित तौर पर छुट्टियां
केवल काम और कुछ नहीं ऐसा करने से जीवन न केवल निरुत्साही हो जाता है बल्कि इससे दिल के दौरे का खतरा भी बढ़ जाता है| अध्ययन यह दर्शाते हैं कि वे लोग जो तनाव भरे कार्य जीवन से नियमित तौर पर छुट्टियां लेते हैं उनमें दिल की बीमारी होने का खतरा कम होता है, उन लोगों के तुलना में जो कई महीनों तक लगातार काम करते रहते हैं|

24.एच आर वी (दिल की धड़कन) का बदलना
एचआरवी से तात्पर्य है विभिन्न गतिविधियों और परिस्थितियों में हृदय की प्रतिक्रिया की योग्यता| अत्यधिक गर्म जलवायु और अधिक प्रदूषण में रहना इसकी अत्यधिक मात्रा में बढ़ने का कारण है| कृत्रिम रूप से ठंडे और रोगाणु मुक्त वातावरण में रहने से हृदय को सुरक्षित रखा जा सकता है|

25. मल्टीविटामिन संपूरक
अप्रतिरोध्य कार्य जीवन के कारण हमेशा यह संभव नहीं होता कि स्वस्थ आहार लिया जाए| अत: आहार संपूरक लेने से सभी आसन्न संपूरक पोषक तत्वों के नुक्सान से बचा जा सकता है| अपने डॉक्टर से कहें कि वह आपके लिए प्रतिदिन लेने वाले मल्टीविटामिन बताए| इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, आपकी मांसपेशियों मज़बूत होंगी और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा|

26. तनाव प्रबंधन
दिल का अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए तनाव अंतिम बाधा है| तनाव के कारण हार्मोन्स का अंतर्प्रवाह बढ़ता है, दिल की धड़कन बढ़ती है और ऐसा करने से हृदय को अपनी क्षमता से ज्यादा रक्त परिसंचरण करना पड़ता है| इससे न सिर्फ दिल कमज़ोर होता है बल्कि हृदयाघात का खतरा भी बढ़ जाता है| तनाव से दूर रहने से दिल की बीमारियों के प्रति आपकी प्रतिरोधन क्षमता बढ़ जाती है|

27.धूम्रपान न करें
कोई भी धूम्रपान के नुकसानों के बारे में पूरी तरह से नहीं बता सकता| अध्ययन यह दर्शाते हैं कि नियमित धूम्रपान करने वाले लोगों में हृदयाघात की संभावना उनकी 50 वर्ष की आयु में 25% तक अधिक होती है उन लोगों की तुलना में जो धूम्रपान नहीं करते| अत: धूम्रपान छोड़कर आप एक स्वस्थ जीवन बिता सकते हैं|

28. रक्त शर्करा जांच
मधुमेह के रोगियों को उनकी उच्च इन्सुलिन प्रतिरोधकता के कारण दिल की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है| रक्त शर्करा के स्तर की जांच नियमित रूप से करवा कर परिसंचरण तंत्र को स्वस्थ स्थिति में रखा जा सकता है| उचित आहार और दवाई के द्वारा मधुमक के प्रभावों को ध्यान में रखा जा सकता है|

29. उदासी
हृदयाघात की संभावना बढ़ने के पीछे उदासी एक महत्वपूर्ण मानसिक कारण है| उदास व्यक्ति में ऑक्सीटोसिन और सेरोटिन की मात्रा बहुत घट जाती है, जिसके अधिक समय तक रहने के कारण परिसंचरण तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है| उचित मनोवैज्ञानिक सलाह और सहायता के द्वारा कोई भी हृदयाघात से बच सकता है|

30. कोलेस्ट्राल की नियमित जांच
हृदय की क्षति पर निगरानी रखने के लिए वार्षिक रूप से कोलेस्ट्राल की जांच करवानी आवश्यक है| इससे शरीर को पुन: स्वस्थ बनाने के लिए आवश्यक उपचार, आहार और व्यायाम का पता लगाने में सहायता मिलती है|



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