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Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें और क्या न करें? इन गलतियों से रुष्ट हो सकती हैं मां लक्ष्मी
Vaishakh Purnima Do's And Don'ts: हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस बार वैशाख पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल को रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर अगले दिन रात 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और ध्यान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन की नकारात्मकता दूर होती है। वैशाख का महीना भगवान विष्णु को प्रिय माना जाता है, इसलिए इस दिन आचरण और नियमों का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। कहा जाता है कि छोटी-छोटी गलतियां भी मां लक्ष्मी को अप्रसन्न कर सकती हैं, जिससे घर की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है। ऐसे में, आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करें और किन बातों से बचना चाहिए।

वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या करें?
पवित्र स्नान और सूर्य को अर्घ्य
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
सत्यनारायण कथा का पाठ
पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा और कथा सुनना या पढ़ना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
गर्मी के इस मौसम में जरूरतमंदों को पानी, फल, सत्तू, छाता या ठंडी चीजों का दान करना पुण्यदायक माना जाता है। इससे जीवन में सुख और संतुलन बना रहता है।
चंद्रमा को अर्घ्य दें
रात के समय चंद्रमा को दूध या जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या न करें?
तामसिक भोजन का सेवन न करें
इस दिन मांस, शराब, लहसुन-प्याज जैसी चीजों का सेवन न करें। माना जाता है कि ऐसे भोजन से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है।
क्रोध और विवाद से बचें
पूर्णिमा के दिन किसी से बहस, झगड़ा या अपमानजनक व्यवहार न करें। घर में शांति बनाए रखें और खासतौर पर बड़ों व महिलाओं का सम्मान करें।
बाल और नाखून न काटें
शास्त्रों के अनुसार इस दिन बाल कटवाना, नाखून काटना या शेविंग करना शुभ नहीं माना जाता।
पैसों का लेन-देन टालें
इस दिन उधार देना या लेना उचित नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है।
सुबह-शाम सोने से बचें
पूर्णिमा के दिन खासकर सुबह और शाम के समय सोना अच्छा नहीं माना जाता, इससे आलस्य और नकारात्मकता बढ़ सकती है।



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