क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस? जानें इतिहास, महत्व और उद्देश्य

National Anti-Terrorism Day 2026: भारत ने आतंकवाद की भयावहता को कई बार करीब से देखा है। आतंकवाद केवल निर्दोष लोगों की जान ही नहीं लेता, बल्कि समाज में डर, अस्थिरता और नफरत का माहौल भी पैदा करता है। यही कारण है कि देश में हर साल 21 मई को राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस (National Anti-Terrorism Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को आतंकवाद के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को हिंसा व कट्टरता से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है, जिनकी 21 मई 1991 को आतंकवादी हमले में हत्या कर दी गई थी। यह दिन देश को एकजुटता, शांति और मानवता का संदेश देता है।

क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस?

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ जागरूक करना है। यह दिन समाज को यह संदेश देता है कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि शांति और संवाद है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न संगठनों में लोगों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है। इसके जरिए नागरिकों को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाता है।

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस का इतिहास

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस की शुरुआत भारत सरकार ने वर्ष 1991 में की थी। दरअसल, 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आत्मघाती बम हमले में हत्या कर दी गई थी। इस दुखद घटना के बाद भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 21 मई को राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का निर्णय लिया।

राजीव गांधी की हत्या कैसे हुई थी?

21 मई 1991 को राजीव गांधी तमिलनाडु में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। उसी दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने उनके करीब जाकर विस्फोट कर दिया। इस हमले में राजीव गांधी सहित कई लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि यह हमला लिट्टे (LTTE) संगठन से जुड़ा था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस दिन सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में लोगों को यह शपथ दिलाई जाती है कि वे हिंसा और आतंकवाद का विरोध करेंगे तथा देश की एकता और मानवता की रक्षा करेंगे।

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस का महत्व

हर साल 21 मई को मनाया जाने वाला 'राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस' भारतीय समाज में शांति, एकता और राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह विशेष दिन हमें याद दिलाता है कि आतंकवाद और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकते, बल्कि ये मानवता, विकास और देश की अखंडता के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता, विशेषकर देश की युवा पीढ़ी को भटकाव और उग्रवाद के रास्ते पर जाने से रोकना है। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में इस दिन आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है, जो नागरिकों में देश के प्रति जिम्मेदारी और सुरक्षा की भावना को जगाती है। यह दिन उन वीर सैनिकों और मासूम नागरिकों को श्रद्धांजलि देने का भी माध्यम है जिन्होंने आतंकी हमलों में अपनी जान गंवाई। कुल मिलाकर, यह दिवस पूरे देश को जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर आतंक के खिलाफ एक मजबूत दीवार के रूप में खड़े होने की प्रेरणा देता है।

Story first published: Thursday, May 21, 2026, 7:02 [IST]
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