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कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद है अश्वगंधा
जैसा की आपको पता होगा कि पानी और तेल कभी नहीं मिलते। इसलिये कोलेस्ट्रॉल का चिकना और ऑयली मिश्रण खून के साथ बहता हुआ धमनियों में रुकावट का कारण बनता है।
हांलाकि कोलेस्ट्रॉल पूरी तरह से बुरा नहीं होता। शरीर में पैदा हुआ या खाने से शरीर में पहुंचा कोलेस्ट्रॉल कोशिकाओं की दीवारों को मजबूत करता है, आंत में पाचन के लिए बैले एसिड के निर्माण में मदद करता है और विटामिन डी या अन्य हार्मोन्स बनाने में भी मदद करता है। लेकिन अति हर चीज की खराब है ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर कोरोनरी हार्ट डीजीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

कोलेस्ट्रॉल क्या करता है
एलडीएल यानि बैड कोलेस्ट्रॉल कठोर प्लाक बनाता है जिससे धमनियाँ रुकती हैं। इसके विपरीत एचडीएल अच्छा कार्य करता है यह गंदे पदार्थों को निकालने के लिए कोलेस्ट्रॉल को लीवर तक लेकर जाता है। कोलेस्ट्रॉल का बनना और प्लाक का इकट्ठा होना धमनियों को कठोर और संकरा करता है और रुधिर के संचार को कम करता है जिससे एलथ्रोसेलरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके परिणाम स्ट्रोक या हार्ट अटैक के रूप में सामने आते हैं।

अश्वगंधा है फायदेमंद
विथानिया सोम्निफेरा या इंडियन विंटर चेरी के रूप में जानी जाने वाली अश्वगंधा एक झाड़ी है जो भारत और उत्तरी अमेरिका में पाई जाती है। अपने तनाव को दूर करने, कामउत्तेजना बढ़ाने और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के गुण के कारण ये प्रसिद्ध है। यह दिल की बीमारियों में कारगर है। ये सभी तत्व अनेक एंजाइम्स और हार्मोन्स के साथ मिलकर शरीर को फायदा पहुंचाते हैं।

यह कैसे काम करता है
अश्वगंधा एक एडेप्टोजेन के रूप में है जो कि दिमाग को फ्रेश कारता है और तनाव को दूर करता है, अभी दिल की बीमारियों में इसे पूरी तरह प्रिस्क्राईब नहीं किया जाने लगा है। आगे और स्टडीज़ से इसकी पुष्टि होने पर शायद ऐसा हो।
अश्वगंधा पर की गई एक स्टडी के अनुसार इससे कुल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल काफी हद तक कम हुआ और साथ ही मांसपेशियों की एक्टिविटी भी बढ़ी। थ्योरी यह है कि अश्वगंधा में फ्लेव्नोइड होता है जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। यह ओक्सीडेशन के कारण एलडीएल को बढ़ने से रोकता है।

फ्लेव्नोइड मेक्रोन्यूटरिएंट्स हैं जो कि धमनियों में फैट जमा करने वाले एलथ्रोसेलरोसिस का खतरा कम करते हैं। एंटीओक्सीडेंट्स की कमी से फ्री रेडिकल डेमेज होते हैं जिससे धमनियों में प्लाक बढ़ते हैं। अश्वगंधा का हाइपोकोलेस्ट्रोलेमिक तत्व इनसे बचने में मदद करता है।

दिल के लिए नई आशा
कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल की बीमारियों से बचने के लिए अश्वगंधा एक नई आशा की किरण है, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी। दूसरी अच्छी बात ये है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं है, जिन लोगों पर कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए इस औषधि को काम में लिया गया उन्हें कोई साइड-इफेक्ट नहीं हुआ। आगे होने वाली स्टडीज़ कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार इस आयुर्वेदिक औषधि की भूमिका पर और प्रकाश डालेंगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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