Latest Updates
-
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं
नमक से कीजिये तौबा नहीं तो हो सकता है हार्ट फेल
अगर आपको चिप्स, प्रेट्ज़ेल और नमकीन नट्स जैसी चीजें खाने का शौक है, तो सावधान हो जाएं। एक हालिया अध्ययन के अनुसार, ज्यादा नमक का सेवन हार्ट फेलियर के दोगुना जोखिम से जुड़ा हुआ है।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड वेल्फ़ेयर के शोधकर्ता पेका जूसिलहटी के अनुसार, ज्यादा नमक (सोडियम क्लोराइड) का सेवन उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारणों में से एक है और कोरोनरी हार्ट रोग (सीएचडी) और स्ट्रोक के लिए एक स्वतंत्र जोखिम कारक है।
सीएचडी और स्ट्रोक के अलावा, यूरोप में और विश्व स्तर पर हार्ट फेलियर प्रमुख हृदय रोगों में से एक है, लेकिन इसके विकास में उच्च नमक के सेवन की भूमिका अज्ञात है।

ईएससी कांग्रेस में प्रकाशित इस अध्ययन में 4,000 से ज्यादा लोगों पर 12 साल तक अध्ययन किया गया, जिसमें नमक का सेवन और हार्ट फेलियर के विकास का मूल्यांकन किया गया।
नेशनल हेल्थ रिकॉर्ड्स के लिए कम्प्यूटरीकृत रजिस्टर लिंकेज के माध्यम से 12 वर्षों तक यह अध्ययन किया गया। हार्ट फेलियर के मामलों की हॉस्पिटल डिस्चार्ज रजिस्टर एंड ड्रग्स रेम्ब्रसमेंट रिकॉर्ड से पहचान की गई।
क्विंटिल्स में नमक का सेवन ( 13.7 ग्रा / दिन) और हार्ट फेलियर के एक नए मामले अनुमान था।
फॉलो-अप के दौरान, 121 पुरुष और महिलाओं में हार्ट फेलियर के नए मामले सामने आए। उम्र, सेक्स और अध्ययन के वर्ष में जोखिम अनुपात एक वर्ष की तुलना में, 1, 3, 4, और 5 कम था, जबकि एक वर्ष में यह 0.83, 1.40, 1.70 और 2.10 था।
सिस्टल ब्लड प्रेशर, सीरम टोटल कोलेस्ट्रॉल लेवल और बॉडी मास इंडेक्स का जोखिम अनुपात क्रमश: 1.13, 1.45, 1.56 और 1.75 था।
जूसिलहटी ने कहा कि दिल नमक पसंद नहीं करता, जिससे कि नमक का सेवन हार्ट फेलियर के खतरे को बढ़ाता है। जो लोग 13.7 ग्राम से अधिक नमक खाते हैं उन्हें 6.8 ग्राम से कम नमक खाने वालों की तुलना में हार्ट फेलियर का जोखिम दो गुना होता है।
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रति दिन केवल 5 ग्राम नमक खाने की सिफारिश करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
