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हार्ट रेट बढ़ने के कारण अस्पताल में भर्ती हुई थीं दीपिका पादुकोण, जानिए क्या होता है टैचीकार्डिया
दिल की समस्याएं और अनियमित हार्ट बीट आज के समय में बेहद आम स्वास्थ्य समस्या हो चुकी है। सिद्धार्थ शुक्ला से लेकर लोकप्रिय और प्रसिद्ध गायक कृष्णकुमार कुन्नाथ अर्थात् केके जैसी प्रसिद्ध हस्तियां हार्ट रेट बढ़ने के कारण दुनिया को अलविदा कह गईं। हाल के दिनों में कई युवाओं को खोने के बाद, भारत दिल की बीमारियों को हल्के में नहीं ले रहा है।
हाल ही में, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जब अपनी फिल्म प्रोजेक्ट के की शूटिंग में व्यस्त थीं, तो उन्हें हार्ट रेट बढ़ने की समस्या हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और चेकअप के बाद वह सेट पर लौट आईं। बता दें कि इस फिल्म में प्रभास के अपोजिट दीपिका को कास्ट किया गया है, और अमिताभ बच्चन ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इतना ही नहीं, दीपिका फिल्म फेस्टिवल 2022 में जूरी का हिस्सा रहीं और पिछले कुछ वक्त से वह नॉन-स्टॉप काम कर रही हैं। जिसका असर कहीं ना कहीं उनकी सेहत पर भी नजर आने लगा है। तो चलिए आज इस लेख में हम हार्ट रेट के बढ़ने के कारणों व उसके बचाव के बारे में व्यापक रूप से चर्चा करेंगे-

क्या है हार्ट रेट का बढ़ना
सामान्य रूप से, जब आप सक्रिय नहीं होते हैं तो आपकी हृदय गति 60 से 100 बीट प्रति मिनट होती है। जब आपका दिल एक मिनट में 100 बीट्स से अधिक हो जाता है, तो इसका अर्थ है कि आपका हार्ट रेट बढ़ रहा है, जिसे टैचीकार्डिया कहा जाता है। बता दें कि जब आपको टैचीकार्डिया होता है, तो आपका दिल कुछ सेकंड से लेकर कुछ घंटों तक की तुलना में तेजी से धड़कता है।

स्वस्थ व्यक्ति को क्यों होती है यह समस्या
दीपिका सिर्फ एक अदाकारा ही नहीं हैं, बल्कि एक पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, फिटनेस की प्रतीक रही हैं और मोटापे से ग्रस्त नहीं हैं। हृदय गति बढ़ने का क्या कारण हो सकता है। किसी भी युवा व फिट व्यक्ति को दिल की कोई समस्या कैसे हो सकती है? बता दें कि कई बार हृदय गति में वृद्धि कुछ शारीरिक उत्तेजनाओं का एक रिफ्लेक्स रिस्पॉन्स हो सकता है। आपका तनाव शारीरिक व मनोवैज्ञानिक दोनों हो सकता है। इतना ही नहीं, कभी-कभी व्यायाम , कैफीन या उत्तेजक का अधिक उपयोग, हार्मोनल कारण, एनीमिया और बुखार के कारण भी ऐसा होने की संभावना रहती है।

हृदय गति तेज होने पर क्या करें
यदि हृदय गति अनियमित है तो कारण का पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट करने की आवश्यकता हो सकती है। इस स्थिति में जिन परीक्षणों की सलाह दी जाती है उनमें ईसीजी, इकोकार्डियोग्राम, होल्टर मॉनिटरिंग, थायराइड प्रोफाइल और नैदानिक स्थिति के आधार पर अन्य बुनियादी जांच शामिल हैं। कारणों को जानने के बाद उपचार किया जाता है। इसमें साधारण दवाइयों का सेवन करने से लंबे समय के लिए चिकित्सा या इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल प्रबंधन की जरूरत हो सकती है। यदि बढ़ी हुई हृदय गति बनी रहती है तो कारण का पता लगाने के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना होगा।

दिल की धड़कन का बढ़ना किस हद तक है ख़तरनाक
अगर समय पर चेकअप करवाया जाए तो यह उतना खतरनाक नहीं होता है। शायद ही कभी एक अंतर्निहित गंभीर हृदय स्थिति जैसे कि कार्डियोमायोपैथी के साथ एट्रियल फाइब्रिलेशन या वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया आदि का निदान किया जा सकता है। अगर सांस लेने में तकलीफ हो रही हो या फिर बेहोशी जैसा महसूस हो रहा हो तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
हालांकि, यहां यह भी ध्यान रखना चाहिए कि टैचीकार्डिया में, क्योंकि आपका दिल बहुत बार धड़कता है, उसके पास धड़कन के बीच खून भरने के लिए समय नहीं होता है। यह खतरनाक हो सकता है यदि आपका हृदय आपकी सभी कोशिकाओं को आवश्यक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर सकता है। ऐसे में रोकथाम के उपायों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

टैचीकार्डिया के जोखिम को कैसे कम करें?
टैचीकार्डिया के जोखिम को कम करने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं-
• अपने उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें।
• दिल को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों जैसे को धूम्रपान या तंबाकू उत्पादों से दूरी बना लें।
• अपने वजन पर नजर बनाए रखें। मोटापा या अधिक वजन होने से दिल की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, वजन कम करें और खुद को फिट रखें।
• अपने खानपान पर विशेष रूप से ध्यान दें। ध्यान रखें कि आपके हृदय को पोषण की आवश्यकता होती है और इसके लिए संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।
• अत्यधिक शराब के सेवन से बचें। इससे उच्च रक्तचाप, दिल की विफलता या स्ट्रोक हो सकता है। अत्यधिक शराब पीने से कार्डियोमायोपैथी भी हो सकती है, एक विकार जो हृदय की मांसपेशियों को प्रभावित करता है।
• तनावख् चिंता और अवसाद से जितना हो सके, दूरी बनाकर रखें। अपने तनाव को मैनेज करने के लिए कुछ कदम उठाएं।



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