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कर्नाटक में मिला HMPV का पहला मामला, दिल्ली, तेलगांना, महाराष्ट्र और आंधप्रदेश सरकार ने जारी की गाइडलाइन
Govt Issue Guidelines on HMPV : चीन में फैलने वाला HMPV वायरस अब भारत में भी दस्तक दे चुका है। बेंगलुरु के एक अस्पताल में आठ महीने के बच्चे में इस वायरस का पहला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह भारत में HMPV का पहला कंफर्म मामला है। कर्नाटक में पहला मामला सामने आने के बाद दिल्ली, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश राज्यों की सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सभी राज्यों की सरकारों ने जनता से घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

केंद्र सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के फैलने की आशंका के बीच लोगों से शांत रहने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि भारत सांस से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मंत्रालय ने बताया कि HMPV एक सामान्य श्वसन संक्रमण वायरस है, जो सर्दी और फ्लू जैसे लक्षण पैदा करता है, खासकर सर्दियों में। यह वायरस विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह किसी अन्य सामान्य श्वसन वायरस की तरह है।
तेलंगाना सरकार ने जारी की एडवाइजरी
तेलंगाना स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चीन से आ रही ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) की खबरों को लेकर राज्य में सतर्कता बढ़ाई जा रही है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और सावधानियों का पालन करने की अपील की है। तेलंगाना में HMPV का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। श्वसन संक्रमणों के मामलों में दिसंबर 2023 में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं पाई गई है। विभाग ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।
तेलंगाना स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया क्या करें और क्या नहीं?
क्या करें (Do's)
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या टिश्यू से ढकें।
अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें और फ्लू से प्रभावित लोगों से दूरी बनाए रखें।
बुखार, खांसी या छींक आने पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें।
सभी स्थानों पर पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
बीमार होने पर घर पर रहें और दूसरों के संपर्क को सीमित करें।
पर्याप्त नींद लें।
क्या न करें (Don'ts):
हाथ मिलाने से बचें।
टिश्यू पेपर या रूमाल का बार-बार इस्तेमाल न करें।
बीमार लोगों के संपर्क में न आएं।
अपनी आंखों, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें।
महाराष्ट्र सरकार ने किया अलर्ट
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से घबराने की बजाय सावधान रहने की अपील की है। अधिकारियों को सर्दी-खांसी के मरीजों का नियमित सर्वे करने और स्वच्छता नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। एचएमपीवी वायरस पर रिसर्च जारी है, और यह वायरस दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है, हालांकि इसकी खतरनाकता पर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने भी दी सलाह
आंध्र प्रदेश में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) का कोई मामला सामने नहीं आया है, और स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वायरस को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक के. पद्मावती ने बताया कि यह वायरस कोविड-19 की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है और मुख्य रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को प्रभावित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि एचएमपीवी-संक्रमित व्यक्तियों के निकट संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों को वायरस का खतरा हो सकता है। इसके लक्षण आमतौर पर 3 से 10 दिन बाद दिखते हैं, जैसे खांसी, बहती नाक, गले में खराश, और सांस लेने में कठिनाई। कुछ मामलों में निमोनिया और ब्रोंकाइटिस भी हो सकता है।
निदेशक ने कोविड-19 के दौरान अपनाए गए उपायों की सिफारिश की, जैसे 20 सेकंड तक हाथ धोना, और खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को रूमाल से ढकने की सलाह दी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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