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जानिये क्या होता है प्री हाइपरटेंशन?
आपके डाक्टर द्वारा किए जाने वाले हेल्थ चेकअप में ब्लड़ प्रेशर एक महत्वपूर्ण संकेत देता है जो शरीर के ठीक होने या ना होने के बारे में बताता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने ब्लड़ प्रेशर रीडिंग के लिए पांच कैटेगरी यानि श्रेणी को परिभाषित किया है। प्री हाइपरटेंशन इन्ही श्रेणी में से एक है। अगर आपको प्री हाइपरटेंशन है तो आपके शरीर में स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या पनप रही है जो काफी गंभीर भी हो सकती है।
इस बात पर ध्यान दें
सबसे पहले यह जानें कि ब्लड प्रेशर क्या है? ब्लड़ प्रेशर, शरीर में हार्ट द्वारा पम्प किए जाने वाले ब्लड़ का धमनियों की दीवारों पर पड़ने वाला प्रेशर है। जब भी शरीर की धमनियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है तो उसे हाई ब्लड़ प्रेशर कहा जाता है। ब्लड़ प्रेशर को रीड़ करने के दो नम्बर होते है जो एक दूसरे के ऊपर लिखे होते है। जैसे - 120/70 । पहले वाले नम्बर को सिस्टोलिक प्रेशर कहते है। जब दिल धड़क रहा होता है उस दौरान हार्ट पम्प होने के कारण ब्लड़ से धमनियों पर पड़ने वाला प्रेशर सिस्टोलिक प्रेशर कहलाता है। नीचे वाले नम्बर को ड़ाईस्टोलिक नम्बर कहते है, जो उस दौरान का धमनियों पर पड़ने वाला प्रेशर होता है जब दो हार्ट बीट के बीच में हार्ट ब्लड़ पम्प नहीं करता है और रेस्ट करता है।

ब्लड़ प्रेशर रीडिंग की पांच कैटेगरी
ब्लड़ प्रेशर रीडिंग की पांच कैटेगरी सामान्य है जिनमें से प्री हाइपरटेंशन, पहली स्टेज है। दूसरी स्टेज हाईपरटेंशन और हाईपरटेंशन क्राईसिस है। हाईपरटेंशन, हाई ब्लड़ प्रेशर का ही मेडिकल नाम है।
प्री हाईपरटेंशन की पहचान
प्री हाईपरटेंशन, ब्लड़ प्रेशर रीडि़ंग का वर्णन करता है जो बताता है कि बॉडी, थोड़ा सा ही सामान्य है परन्तु हाई ब्लड़ प्रेशर या हाईपर टेंशन रेंज में नहीं है। अगर आपको प्री हाईपर टेंशन है तो आपका ब्लड़ प्रेशर 120/80 और 139/89 के बीच ही रहेगा। हाई ब्लड़ प्रेशर के फर्स्ट स्टेज की रेंज 140/90 से 159/99 के बीच होती है और दूसरी स्टेज जिसे हाईपर टेंशन कहा जाता है उस दौरान ब्लड़ प्रेशर की रीडिंग 160/100 हो जाती है। अगर आपका ब्लड़ प्रेशर, 180/110 से ज्यादा हो जाता है तो ऐसे में आपको इमरजेंसी केयर और हाइपरटेंशिव क्राईसिस की आवश्यकता पड़ सकती है।
क्या है महत्व?
अगर आपको प्री हाईपरटेंशन है यानि आपके शरीर में हाइपर टेंशन का विकास हो रहा है जो कई गंभीर मेडीकल बीमारियों जैसे - स्ट्रोक, हार्ट अटैक यहां तक कि हार्ट फेल होने का भी कारण बन जाता है। आपके जीवन शैली के कुछ सकारात्मक परिवर्तन, आपके ब्लड़ प्रेशर को हाइपर टेंशन रेंज से नीचे और नार्मल बना कर रखते है।
ब्लड़ प्रेशर को सही बनाएं रखने के लिए सलाह दी जाती है कि आप हेल्दी भोजन करें, नियमित रूप से व्यायाम करें, अगर शरीर में मोटापा हो तो वजन कम करें, धूम्रपान न करें, शराब के सेवन से बचें और चिंता से मुक्त रहना सीखें व खुश रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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