Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
Health Alert! प्लास्टिक शीट पर पकाई जा रही थी इडली, कर्नाटक सरकार ने किया बैन, बताया कैंसर का खतरा
Karnataka Bans Polythene Sheets for Idli Steaming : कर्नाटक के कई होटलों और रेस्त्रां में बनने वाली इडली में कैंसरकारी तत्व पाए गए हैं। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बेंगलुरु के कई होटलों से लिए गए इडली के सैंपल में हानिकारक पदार्थों की मौजूदगी का खुलासा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, इडली पकाने के लिए पारंपरिक सूती कपड़े की जगह प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा, कई होटलों में इडली के रंग और स्वाद को आकर्षक बनाने के लिए सिंथेटिक रंगों का भी उपयोग किया जा रहा था। इस मामले में राज्यभर में 54 होटलों और रेस्त्रां पर कार्रवाई की गई है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे कर्नाटक में 251 स्थानों से इडली के नमूने एकत्र किए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्लास्टिक कार्सिनोजेनिक होता है और इसके उपयोग से कैंसरकारी तत्व खाने में पहुंच सकते हैं। देशभर में होटल और घरों में प्लास्टिक शीट और बर्तनों का बढ़ता उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से प्लास्टिक में भोजन पकाने और स्टोर करने से लंबे समय में गंभीर बीमारियां, खासकर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

प्लास्टिक कैंसर का कारण कैसे बनता है-
इडली बनाने की परंपरागत विधि में मोल्ड पर कपड़ा रखकर बैटर डाला जाता है और फिर इसे स्टीम किया जाता है। हालांकि, कर्नाटक के कुछ होटलों और सड़क किनारे दुकानों में कपड़े की जगह खतरनाक पॉलीथीन शीट का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस प्लास्टिक शीट में कार्सिनोजेनिक (कैंसरकारी) केमिकल होते हैं, जो स्टीमिंग के दौरान गर्म होकर इडली में मिल सकते हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार, प्लास्टिक कंटेनर, रैप और बर्तनों में मौजूद बिस्फेनॉल ए (बीपीए), फथलेट्स और डाइऑक्सिन जैसे केमिकल्स खाने में घुलकर हार्मोन फंक्शन को बाधित कर सकते हैं। ये एंडोक्राइन डिसरप्टर होते हैं, जो शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन को प्रभावित कर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। नियमित रूप से प्लास्टिक के बर्तनों और रैप में खाना खाने से ये विषैले तत्व शरीर में जमा होकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
प्लास्टिक के कैंसरजनक प्रभाव से बचाव के उपाय
गर्म खाद्य पदार्थों के लिए सुरक्षित विकल्प चुनें - प्लास्टिक के बजाय कांच, स्टेनलेस स्टील या सिरेमिक कंटेनर में खाना स्टोर करें।
माइक्रोवेव में प्लास्टिक का उपयोग न करें - भले ही कंटेनर पर "माइक्रोवेव-सेफ" लिखा हो, लेकिन प्लास्टिक गर्म होने पर हानिकारक केमिकल छोड़ सकता है।
प्लास्टिक की बोतलों से बचें - घर और ऑफिस में पानी पीने के लिए प्लास्टिक के बजाय स्टील या कांच की बोतलें इस्तेमाल करें।
प्रोसेस्ड फूड से बचें - प्लास्टिक पैकिंग में मिलने वाले प्रोसेस्ड फूड की बजाय ताजा भोजन करें, जिससे विषाक्त पदार्थों का जोखिम कम हो।
सिंगल-यूज प्लास्टिक का त्याग करें - प्लास्टिक बैग, कप और रैप की बजाय इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











