Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
सांसों की इस बीमारी से पीड़ित हैं मंदिरा बेदी, सर्दियों में बढ़ जाती है ये परेशानी, जानें इसकी वजह और इलाज
Mandira Bedi Suffering from Asthma : मंदिरा बेदी अस्थमा की मरीज हैं, और उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में खुलकर बात की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह अस्थमा से निपटने के लिए नियमित रूप से इनहेलर का इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पब्लिक प्लेस में इनहेलर का इस्तेमाल करना शर्मिंदगी की बात नहीं है।
अस्थमा एक पुरानी बीमारी है जो फेफड़ों के एयरवे (सांस नलिका) को प्रभावित करती है और सांस लेने में कठिनाई पैदा करती है। यह आमतौर पर किसी एलर्जेन, प्रदूषण, या शारीरिक तनाव के कारण बढ़ सकता है। एक्ट्रेस ने बताया कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना बेहद ज़रूरी है ताकि लोग अस्थमा से जुड़े मिथकों को तोड़ सकें और बिना किसी हिचकिचाहट के इसका इलाज करवा सकें। सर्दियां आते ही अस्थमा के मरीजें की समस्या क्यों बढ जाती है आइए जानते हैं।

सर्दी में क्यों बढ़ जाता है अस्थमा?
सर्दी के मौसम में अस्थमा के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं, क्योंकि ठंडी हवा और मौसम में बदलाव सांस की नलियों को ज्यादा संवेदनशील बना देते हैं। अस्थमा, जो एक पुरानी सांस संबंधी स्थिति है, ठंड में और अधिक परेशानी पैदा कर सकता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
सांस फूलना: ठंडी हवा में सांस लेने पर दिक्कत महसूस होना।
सीने में जकड़न या दर्द: खासतौर पर शारीरिक गतिविधि या ठंडी हवा के संपर्क में आने पर।
लगातार खांसी: खासकर रात के समय या सुबह जल्दी।
घरघराहट: सांस लेने पर सीटी जैसी आवाज़ आना।
सर्दियों में अस्थमा के बढ़ने के कारण
ठंडी और सूखी हवा सांस की नलियों को संकुचित कर देती है।
सर्दियों में बढ़े हुए प्रदूषण का असर।
वायरल संक्रमण और सर्दी-जुकाम।
घर के अंदर धूल, फफूंद या पालतू जानवरों के संपर्क में आना।
सर्दियों में अस्थमा को नियंत्रित रखने के उपाय
इनहेलर का नियमित उपयोग: डॉक्टर द्वारा बताए गए इनहेलर का इस्तेमाल लक्षणों को नियंत्रित करता है।
गर्म कपड़े पहनें: ठंडी हवा से बचने के लिए मुँह और नाक को स्कार्फ या मास्क से ढकें।
प्रदूषण और एलर्जेंस से बचाव: घर के अंदर धूल-मिट्टी को साफ रखें और एलर्जी के स्रोतों से बचें।
हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त पानी पिएं ताकि एयरवे ड्राई न हो।
वार्म-अप करें: ठंड में व्यायाम करने से पहले हल्का वार्म-अप करें।
सर्दियों में अस्थमा के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि यह स्थिति गंभीर हो सकती है। सही इलाज और सावधानी बरतने से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications