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Miss Universe Fatima Bosch कौन? जिन्हें 6 साल की उम्र में हुई Dyslexia और ADHD जैसी बीमारी, जानें इसके लक्षण
Miss Universe 2025 Fatima Bosch Disease: मिस यूनिवर्स 2025 का शानदार परिणाम सामने आ गया है। इस बार मैक्सिको की 25 साल की फातिमा बॉश (Fatima Bosch) ने अपनी खूबसूरती, आत्मविश्वास और दमदार जवाबों से दुनिया भर की 130 प्रतियोगियों को पछाड़ते हुए ताज अपने नाम कर लिया। वहीं मिस थाईलैंड को पहली रनर-अप घोषित किया गया। लेकिन फातिमा के लिए ये सफर उतना आसान नहीं था। उन्होंने इस मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की और बचपन से ही इसका सपना देखा जो आज पूरा हो गया है।
लेकिन बहुत छोटी उम्र में ही फातिमा बॉश को दो गंभीर बीमारियां हो गई थीं। आइए जानते हैं कि फातिमा को कौन सी गंभीर बीमारी हुई थी और उनके क्या लक्षण हैं।

कौन हैं Fatima Bosch?
फातिमा बॉश मिस मैक्सिको 2025 हैं और अब मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर विश्व सुंदरी बन चुकी हैं। उन्होंने 25 साल की उम्र में ये खिताब अपने नाम किया है। पेशे से मॉडल, ब्यूटी क्वीन और सोशल एक्टिविस्ट फातिमा की सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग भी जबरदस्त है। फातिमा बॉश के इंस्टाग्राम पर 2.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं। फातिमा स्टाइल और फैशन की दुनिया में जाने-माने नाम हैं और महिलाओं के अधिकारों पर खुलकर अपनी आवाज उठाती हैं। फातिमा की जीत सिर्फ एक क्राउन नहीं, बल्कि उनकी हिम्मत और संघर्ष की कहानी भी है। 25 वर्षीय फातिमा मैक्सिको के Tabasco राज्य के Villahermosa से आती हैं। उन्होंने Iberoamericana University से फैशन डिजाइनिंग में पढ़ाई की है।
फातिमा बॉश को थी क्या बीमारी?
दुनिया भर में छा चुकी फातिमा बॉश ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। वहीं कम ही लोगों को पता होगा कि फातिमा को सिर्फ 6 साल की उम्र में डिस्लेक्सिया और ADHD नाम की गंभीर बीमारी हो गई थी। इस बीमारी के बारे में जान लेते हैं कि आखिर ये क्या है और उनके क्या लक्षण हैं।
डिस्लेक्सिया क्या होता है?
डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे को पढ़ने, लिखने और शब्दों को सही तरीके से पहचानने में परेशानी होती है। बच्चे का दिमाग अक्षरों और ध्वनियों को प्रोसेस करने में सामान्य से थोड़ा अलग काम करता है, जिसके कारण पढ़ाई में दिक्कत होती है। इसमें इंटेलिजेंस पर कोई असर नहीं पड़ता। बच्चा जितना स्मार्ट होता है, वह उतना ही क्रिएटिव और टैलेंटेड हो सकता है। यह समस्या जन्म से होती है और समय के साथ सपोर्ट, थेरेपी और सही ट्रेनिंग से काफी सुधार आ सकता है।
डिस्लेक्सिया के मुख्य लक्षण:
पढ़ते समय अक्षर उलटे-सुलटे दिखना
स्पेलिंग में बार-बार गलती
तेज पढ़ने में दिक्कत
शब्द याद करने में परेशानी
पढ़ाई से बचने की कोशिश
लिखावट असमान या समझ न आने वाली
यह बीमारी 100 में से लगभग 10 बच्चों में पाई जाती है।
एडीएचडी (ADHD) क्या होता है?
ADHD यानी Attention Deficit Hyperactivity Disorder यह एक न्यूरो-डेवलपमेंटल डिसऑर्डर है जिसमें बच्चे को ध्यान केंद्रित करने, स्थिर बैठने और इम्पल्स कंट्रोल में दिक्कत होती है। यह कोई मानसिक बीमारी नहीं बल्कि दिमाग की विकास प्रक्रिया का एक पैटर्न है।
ADHD के तीन प्रकार:
इनअटेंटिव (ध्यान न लग पाना)
हाइपरएक्टिव (बहुत सक्रिय होना)
कॉम्बाइंड (दोनों का मिश्रण)
ADHD के मुख्य लक्षण
किसी काम पर लंबे समय तक ध्यान न लगा पाना
पढ़ते या सुनते समय जल्दी ध्यान भटक जाना
बहुत ज्यादा एक्टिव या बेचैन रहना
बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देना
चीजें बार-बार खो देना
स्कूल में बैठकर पढ़ने में कठिनाई
मूड जल्दी बदलना
ADHD दुनिया के लगभग 5-7% बच्चों में पाया जाता है।
डिस्लेक्सिया और ADHD साथ क्यों दिखते हैं?
कई बार दोनों स्थितिया एक साथ भी हो सकती हैं, क्योंकि दोनों ही ब्रेन के न्यूरोलॉजिकल विकास से जुड़ी हैं। इसमें पढ़ाई में दिक्कत, ध्यान की कमी, मेमोरी कमजोर होना ये समस्याएं दोनों कंडीशन्स के कारण दिखाई दे सकती हैं।
क्या यह बीमारियां ठीक हो सकती हैं?
इनका इलाज पूरी तरह खत्म तो नहीं होता, पर सही समय पर थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, बिहेवियरल ट्रेनिंग, दवाइयां (जरूरत पड़ने पर), और पेरेंटल सपोर्ट से बच्चा एकदम नॉर्मल और सफल जीवन जी सकता है। दुनिया के कई बड़े सेलिब्रिटीज इन समस्याओं के बावजूद सुपर सक्सेसफुल रहे हैं।
भारत की प्रतिभागी मनिका विश्वकर्मा भी रहीं चर्चा में
इस बार भारत का प्रतिनिधित्व मनिका विश्वकर्मा ने किया। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 30 में जगह बनाई, लेकिन टॉप 12 में प्रवेश नहीं कर पाईं। फिर भी उनकी उपस्थिति और परफॉर्मेंस ने दर्शकों का दिल जीता।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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