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नींद में चलने की बीमारी ने ली 19 साल के युवक की जान, खतरनाक हो सकती है Sleep walking, जानें इसकी वजह
Somnambulism Cause and Symptoms : मुंबई से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नींद में चलने की वजह से एक 19 साल के लड़के की मौत हो गई। इस लड़के ने हाल ही में NEET परीक्षा से पास की थी और किसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने की तैयारी कर रहा था लेकिन नींद में चलने की बीमारी के वजह से छठी मंजिल से नीचे गिरा और उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक मुस्तफा इब्राहिम चूनेवाला नाम के इस शख्स को सोमनाम्बुलिज्म नाम की बीमारी थी, जिसे स्लीपवॉकिंग के रूप में भी जाना जाता है, जो एक प्रकार का डिसऑर्डर है। जिसकी वजह से लोग नींद में चलने लगते हैं और अजीबो गरीब हरकतें करने लगता हैं।

नींद में चलने की बीमारी की वजह
नींद में चलने की बीमारी एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। यह एक दिमाग से जुड़ी समस्या है। दरअसल हम अपने रोजाना की लाइफ में जो भी काम करते हैं, वह सारी एक्टिविटी हमारे नर्वस सिस्टम से ऑपरेट होती हैं। न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होने पर हमारे बॉडी के बैलेंस से लेकर, बोलना, मेमोरी या फिर बॉडी मूवमेंट पर भी असर पड़ता है।
अगर किसी को नींद में चलने की समस्या लगातार बनी रहे है, तब उसे तुरंत न्यूरो के डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
चेन्नई के निथरा इंस्टीट्यूट ऑफ स्लीप साइंसेज के डॉ एन रामकृष्णन ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि "नींद में चलने वाले लोगों में अक्सर घूरने, चमकदार एक्सप्रेशन होता है और स्लीप वॉकिंग के दौरान वे दूसरों के बातों पर न तो कोई रिएक्शन देते हैं न ही किसी तरह का संवाद करते हैं। इस घटना के दौरान व्यक्ति को 'जगाना' मुश्किल होता है और वे अक्सर अगले दिन इसे वाकये को याद नहीं कर पाते है।"
सोने के दो घंटे के बाद ही होता है ऐसा
विशेषज्ञ के अनुसार, यह एक "असामान्य घटना" है जो गहरी नींद के दौरान होती है, इसे 'स्लो वेव स्लीप' (स्टेज N3) के रूप में भी जाना जाता है। इसे नॉन-आरईएम पैरासोमानिया के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति के नींद में जाने के दो घंटे बाद होती है।
नींद में चलने के वजह
- पर्याप्त नींद न ले पाने के वजह से नींद में चलने की आदत हो सकती है।
- कुछ लोगों में तनाव व स्ट्रेस की वजह से भी यह बीमारी होने लगती है।
- हार्मोनल इम्बैलेंस भी इस एक बीमारी की वजह से हो सकती है।
- यह बीमारी परिवार में किसी सदस्य को होने की वजह से आनुवांशिक कारणों के वजह से भी हो सकती है।
नींद में चलने के लक्षण (symptoms of Sleepwalking)
- सोते में दिक्कत महसूस करना।
- नींद की कमी होना।
- आंखे खोलकर बिस्तर के ऊपर बैठ जाना।
- रात में चलने की घटना का याद न होना।
- सोने के दौरान डर महसूस करना।
नींद में चलना कितना खतरनाक हो सकता है?
- स्लीप में शोध के अनुसार, 57.9 प्रतिशत नींद में चलने वाले लोग स्लीप वॉकिंग के दौरान आक्रामक गतिविधि करते हुए पाए गए है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, नींद में चलना कभी-कभी अधिक गंभीर चिकित्सा समस्या का संकेत हो सकता है, खासकर अगर यह समस्या बार-बार हो रही है।
- रिसर्च में यह भी पाया गया है कि नींद में चलने वाले लोगों में रात में डरने की संभावना ज्यादा होती है, जिसका उनके सामान्य स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
- स्लीप जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक नींद में चलने वाले लोगों को रात में अच्छी नींद नहीं आती है और उनमें थकान बढ़ जाती है, जिसका मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।
- नींद में चलने की समस्या स्लीप एनिमिया जैसी बीमारी से जुड़ा हुआ होता है, जिसमें ऑक्सीजन की कमी के वजह से लोग नींद में मर जाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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