Latest Updates
-
Quick Weeknight Mutton Keema Recipe: कम समय में बनाएं रेस्टोरेंट जैसा लाजवाब स्वाद -
डॉन 3 छोड़ने पर Ranveer Singh को FWICE ने किया बैन, क्या अब बॉलीवुड में काम नहीं कर पाएंगे 'धुरंधर' एक्टर? -
Budh Gochar 2026: 29 मई को बुध का मिथुन राशि में गोचर, इन 5 राशियों की खुलने वाली है बंद किस्मत -
Homemade Crispy Golgappa Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसे चटपटे गोलगप्पे -
Kamla Ekadashi Wishes In Sanskrit: पद्मिनी एकादशी पर अपनों को भेजें दिव्य संस्कृत शुभकामनाएं -
'चक दे इंडिया' एक्टर रमाकांत दायमा का निधन, 69 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
गर्मियों में क्यों आता है ज्यादा गुस्सा? जानें इसके पीछे का साइंस और माइंड को कूल रखने के 10 आसान तरीके -
क्या तरबूज का सफेद हिस्सा खा सकते हैं? कब्ज और वेट लॉस समेत इन 5 बीमारियों से मिलेगा छुटकारा -
Divyanka Tripathi के घर से आई डबल गुडन्यूज, Vivek Dahiya ने शेयर की जुड़वां बेटों के जन्म की खुशखबरी -
क्या कोरोना जैसा लॉकडाउन फिर लगेगा? इबोला पर देश में हाई अलर्ट, सरकार और DGCA की सख्त एडवाइजरी जारी
Potato vs Banana Chips: आलू या केले के चिप्स, व्रत में कौन-सा स्नैक है ज्यादा हेल्दी?
Potato Chips vs Banana Chips : व्रत या उपवास के दिनों में भोजन का चुनाव बेहद सोच-समझकर करना चाहिए। इस समय पेट हल्का और पचने में आसान भोजन खाना जरूरी होता है ताकि शरीर को ऊर्जा तो मिले लेकिन थकान और भारीपन महसूस न हो। व्रत में लोग अक्सर स्नैक्स की तलाश में रहते हैं और आलू या केले के चिप्स सबसे आम विकल्प बन जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि दोनों में से कौन-सा विकल्प ज्यादा हेल्दी है? आइए आइए जानते हैं, न्यूट्रिशनिस्ट अमिता गद्रे की राय से आखिर दोनों चिप्स में से हेल्दी क्या है?

न्यूट्रिशियन वेल्यू
एक्सपर्ट के अनुसार, दोनों ही स्नैक्स को खाने से पहले इनके न्यूट्रिशन लेबल पर नज़र डालना जरूरी है।
कार्बोहाइड्रेट
100 ग्राम आलू चिप्स में लगभग 50-55 ग्राम कार्ब्स होते हैं। वहीं, 100 ग्राम केले के चिप्स में करीब 60-65 ग्राम कार्ब्स पाए जाते हैं।
इसका मतलब है कि केले के चिप्स कार्ब्स में ज्यादा भारी होते हैं।
फैट
100 ग्राम केले के चिप्स में लगभग 40-45 ग्राम फैट होता है। जबकि आलू चिप्स में यह मात्रा थोड़ी कम, यानी 35-37 ग्राम फैट रहती है। यानी अगर आप पूरे पैकेट के चिप्स खा लेते हैं, तो आपकी डेली फैट लिमिट आसानी से पार हो सकती है। इस लिहाज से देखा जाए तो दोनों ही स्नैक्स लगभग एक जैसी ही अनहेल्दी श्रेणी में आते हैं।
व्रत या डाइट में खा सकते हैं क्या?
अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आलू और केले के चिप्स दोनों ही डाइट-फ्रेंडली ऑप्शन नहीं हैं। इनमें न सिर्फ फैट और कैलोरी ज्यादा होती है, बल्कि सोडियम भी भरपूर होता है। अगर मन बहुत कर रहा है तो थोड़ी मात्रा में (एक मुट्ठी तक) ही खाएं।इन्हें खाने के बाद दिनभर के बाकी भोजन को हेल्दी रखें। इन्हें बार-बार स्नैक के रूप में खाने से वजन बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
आलू चिप्स को कैसे बनाएं हेल्दी?
अगर आप आलू चिप्स के शौकीन हैं, तो इन्हें थोड़ा हेल्दी तरीके से बनाया जा सकता है।
बेक करें, फ्राई नहीं: आलू को पतला काटकर थोड़ा-सा ऑलिव ऑयल और अपने पसंदीदा मसाले मिलाकर ओवन में बेक करें।
स्वीट पोटैटो चिप्स: आलू की जगह शकरकंद के चिप्स ट्राई करें, जो विटामिन A और C से भरपूर होते हैं।
हेल्दी डिप्स: इन्हें मेयो या केचप की जगह ग्वाकामोले, दही बेस्ड डिप्स के साथ खाएं।
केले के चिप्स को कैसे बनाएं हेल्दी?
केले के चिप्स भी सही तरीके से बनाए जाएं तो स्वादिष्ट और थोड़े हेल्दी हो सकते हैं।
बेक्ड बनाना चिप्स: केले को स्लाइस करके ओवन में बेक करें, इससे तेल की मात्रा कम होगी।
- बिना नमक और शक्कर वाले चिप्स चुनें, ताकि सोडियम और कैलोरी कम रहें।
- पके हुए केले से बने चिप्स ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दें।
- याद रखें, इन्हें रोज़मर्रा का स्नैक नहीं बल्कि कभी-कभी ट्रीट के रूप में खाएं।
किसे चुनें?
अगर आप सिर्फ टेस्ट के लिए खा रहे हैं, तो आलू और केले दोनों ही चिप्स में बहुत फर्क नहीं है, दोनों ही डीप फ्राइड और हाई कैलोरी स्नैक्स हैं।
अगर आप थोड़े बेहतर विकल्प की तलाश में हैं, तो केले के चिप्स में फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्व थोड़ा ज्यादा होते हैं। लेकिन अगर इन्हें फ्राई करके खाया जाए, तो दोनों ही समान रूप से अनहेल्दी हैं।
ध्यान रखें
अगर आप उपवास करते हुए दोनों में से किसी एक चिप्स को खाने का मन बना रहे हैं, तो उसे घर पर ही बनाएं, क्योंकि बाजार के चिप्स सामान्य नमक के साथ आते हैं, जिससे व्रत टूटने का डर रहता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications