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Ramadan 2024: रोजा रखने से शरीर से दूर रहती है कैंसर-ट्यूमर जैसी बीमारियां, वेट भी रहता है मैंटेन
Roza Rakhne Ke Fayde : दुनियाभर में रमजान की रौनक बिखरी हुई है। इस पाक महीने में मुस्लिम रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं। इस महीने रोजा रखने से रोजेदार की दुआ जरुर कबूल होती है। रोजा न सिर्फ इबादत करने का एक जरिया है बल्कि इसे रखने से सेहत के कई फायदे भी जुड़े हुए हैं। रमजान में रोजेदार 14-15 घंटे का रोजा रखते हैं।
सूर्यादय से पहले सहरी और सूर्यादय के बाद इफ्तार में ही दो बार खाना खाते हैं। दोनों मील्स के बीच अच्छा खास अंतर आ जाता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं रोजा रखने से सेहत को क्या-क्या लाभ हो सकते हैं।

डिटॉक्स हो जाती है बॉडी
फास्टिंग एक तरह से बॉडी को डिटॉक्स करने की प्रक्रिया हैं। तो आपके शरीर की सारी गंदगी निकल जाती है। नॉर्मल फास्टिंग में पानी के जरिए किडनी, लिवर और आंतों में जमी गंदगी फ्लश हो जाती है। लेकिन फिर भी बहुत सारी गंदगियां सेल्स के अंदर ही रह जाती है। जब आप रोजा, निर्जला व्रत, ड्राई फास्टिंग करते हैं तो यानी पानी भी नहीं पीते हैं, तो शरीर की कोशिकाएं अपने भीतर की गंदगी को बर्न डिटॉक्स कर देती है।
कैंसर और ट्यूमर जैसी बीमारियां नहीं होती है
रोजा रखने से शरीर में 13- 14 घंटे तक पानी की एक बूंद भी शरीर में नहीं जाती हैं। इस प्रोसेस से शरीर में नष्ट या बीमार सेल्स बर्न होना शुरु हो जाती हैं और इससे शरीर में नई सेल्स का निर्माण होता है। इस वजह से शरीर कैंसर और ट्यूमर जैसी बीमारियों से दूर रहता है। इसे आप ऐसे आप समझ सकते हैं। कैंसर के इलाज में आमतौर से कीमोथेरेपी से बीमार कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। वैसे रोजा रखने से भूखे-प्यासे रहने से मृत या नष्ट कोशिकाएं अपने आप ही नष्ट हो जाती हैं।
वजन होता है कम
रोजा रखने का एक सबसे अच्छा फायदा ये होता है कि शरीर का वजन मैंटेन रहता है। आजकल लोग वेटलॉस के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग डाइट को फॉलो करते हैं। रोजा भी कुछ हद तक इंटरमिटेंट फास्टिंग जैसा ही है। जिसमें रोजेदार 14-15 घंटे तक बिना खाए पीएं ही रहता है। इससे ब्लड प्रेशर का स्तर भी बेहतर होता है दिल और दिमाग स्वस्थ रहता है।
बुरी आदतों पर लगती है लगाम
रोजा मतलब सिर्फ भूखा या प्यास रहना ही नहीं होता बल्कि इस दौरान नफ्ज (इन्द्रियों) पर नियंत्रण रखने की सलाह भी दी जाती है। ऐसे में शराब, स्मोकिंग और किसी अन्य नशे की लत है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो रमजान के महीने में वो आसानी से छूट सकती है।
पाचन बनता है बेहतर
रोजा खोलने के लिए इफ्तार में खजूर का सेवन किया जाता है। खजूर खाने से सेहत को भी बहुत फायदा होते हैं। खजूर खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी भी पाया जाता है, जो पाचन और एनर्जी के लिए बेहतर माना जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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