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Shattila Ekadashi 20245: षटतिला एकादशी व्रत में नहीं खाया जाता है खाना, जानें फलाहार में क्या खाएं?
What to eat and avoid in ekadashi : षटतिला एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है और माघ माह के कृष्ण पक्ष की 11वीं तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह पवित्र तिथि 25 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
जो भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, उन्हें अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। व्रत के दौरान की गई किसी भी गलती से व्रत खंडित हो सकता है। सही नियमों का पालन कर पुण्य और भगवान की कृपा प्राप्त करें।
षटतिला एकादशी व्रत के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए भोजन करना चाहिए। इस दिन सात्विक और व्रत के अनुकूल खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है। यहां बताया गया है कि इस दिन क्या खा सकते हैं और क्या नहीं-

क्या खा सकते हैं?
फल और मेवे: केला, सेब, नारियल, अनार, अंगूर जैसे फल खा सकते हैं। काजू, बादाम, किशमिश, और अखरोट भी उपयुक्त हैं।
व्रत अनाज: समा के चावल, कुट्टू का आटा, राजगिरा और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन।
साबूदाना: साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना वड़ा।
दूध और डेयरी उत्पाद: दूध, दही, पनीर।
मिठाई: व्रत के लिए बनी खीर, लड्डू या अन्य फलाहारी मिठाई।
तिल का उपयोग: इस दिन तिल से बने व्यंजन खाना शुभ माना जाता है।
क्या नहीं खा सकते हैं
अनाज और दालें: गेहूं, चावल, मसूर दाल, अरहर दाल जैसी चीजें।
प्याज और लहसुन: इनका सेवन वर्जित है।
नमक: साधारण नमक के बजाय सेंधा नमक का उपयोग करें।
तला-भुना भोजन: अधिक तेल और मसाले वाले व्यंजन न खाएं।
मांस और शराब: मांसाहारी भोजन और नशे से संबंधित चीजें पूरी तरह से वर्जित हैं।
व्रत में सात्विक और पौष्टिक आहार का सेवन कर भगवान विष्णु की पूजा करें।
तिल का करें दान
षटतिला एकादशी पर तिल का विशेष महत्व है। इस दिन तिल के 6 प्रकारों का उपयोग अत्यंत शुभ माना जाता है:
तिल स्नान: पवित्र जल में तिल मिलाकर स्नान करना।
तिल की उबटन: तिल से शरीर की उबटन करना।
तिल का हवन: हवन में तिल अर्पित करना।
तिलोदक: तिल मिलाकर जल का सेवन।
तिल का भोजन: तिल से बने व्यंजन खाना।
तिल का दान: जरूरतमंदों को तिल दान करना।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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