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शर्लिन चोपड़ा की मां बनने की टूटी उम्मीदें, इस गंभीर बीमारी के वजह से खतरनाक हो सकती है प्रेग्नेंसी
इंटरनेट पर अक्सर विवादों में रहने वाली शर्लिन चोपड़ा ने हाल ही में उन्होंने अपनी हेल्थ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। शर्लिन ने बताया कि वह कभी मां नहीं बन सकतीं, क्योंकि उन्हें सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (SLE) नामक गंभीर बीमारी है। इसी कारण 2021 में उनकी किडनी भी फेल हो गई थी। एक इंटरव्यू में शर्लिन ने अपनी बीमारी के बारे में और भी जरुरी बातें शेयर की।
एक इंटरव्यू में शर्लिन चोपड़ा ने बताया, "मेरे डॉक्टर ने मुझे बताया कि इस बीमारी पर कंट्रोल रखने के लिए मुझे पूरी जिंदगी दवाइयां लेनी होंगी। मैं इन्हें दिन में तीन बार लेती हूं। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि मुझे कभी प्रेग्नेंसी के बारे में नहीं सोचना चाहिए, क्योंकि यह बच्चे और मां दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।"

एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने अपनी बातचीत में मां बनने के दुख को साझा किया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर बीमारी की वजह से वह नेचुरल तरीके से मां नहीं बन सकतीं हूं, इस वजह से मैं दूसरे विकल्प के बारे में सोच रही हूं।
सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस क्या है?
हेल्थलाइन के मुताबिक सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (एसएलई) एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों पर हमला करती है, जिससे विभिन्न अंगों जैसे त्वचा, जोड़ों, गुर्दे, मस्तिष्क और अन्य अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। एसएलई के लक्षणों में थकान, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर रैश, बुखार और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यह बीमारी समय के साथ और भी जटिल हो सकती है, और इलाज के लिए नियमित दवाइयों की आवश्यकता होती है।
लक्षण
एसएलई के लक्षण व्यक्ति से व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
गंभीर थकान: एसएलई के मरीजों को अत्यधिक थकान महसूस होती है, जिससे सामान्य गतिविधियां करना भी मुश्किल हो सकता है।
जोड़ों का दर्द: जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या होती है, जो सामान्य से अधिक होती है।
सूजन: प्रभावित जोड़ों में सूजन हो सकती है, खासकर हाथों और घुटनों में।
सिर दर्द: सिर में लगातार दर्द और माइग्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
तितली जैसे दाने: गालों और नाक पर लाल, तितली के आकार में दाने निकल सकते हैं, जो एसएलई का एक पहचान योग्य लक्षण है।
बालों का झड़ना: एसएलई से पीड़ित लोगों में बालों का झड़ना आम हो सकता है।
खून की कमी : शरीर में खून की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होती है।
रक्त का थक्का जमने की समस्या: रक्त का थक्का जल्दी बन सकता है, जिससे दिल और मस्तिष्क में समस्या हो सकती है।
रेनॉड की घटना: ठंड लगने पर उंगलियां सफेद या नीली हो सकती हैं और उनमें झुनझुनी महसूस होती है।
इसके अलावा, एसएलई के लक्षण शरीर के प्रभावित हिस्से पर भी निर्भर करते हैं, जैसे पाचन तंत्र, हृदय या त्वचा। जब एसएलई का हमला इन अंगों पर होता है, तो इससे संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे पेट में दर्द, हृदय की धड़कन में अनियमितता, या त्वचा पर अधिक रैशेज़।
बचाव
- सूरज की तेज रोशनी से बचने के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करें, क्योंकि सूर्य की किरणें एसएलई के लक्षणों को बढ़ा सकती हैं।
- डॉक्टर्स की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवाइयां लें, ताकि प्रतिरक्षा प्रणाली पर नियंत्रण बना रहे।
- संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें, जो शरीर को ताकत दे और संक्रमण से बचाए।
- हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक या योग करें, लेकिन अधिक तनाव और थकावट से बचें।
- नियमित रूप से डॉक्टर से संपर्क करें और किसी भी नए लक्षण के बारे में उन्हें बताएं, ताकि जल्दी इलाज शुरू किया जा सके।
सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस एक गंभीर बीमारी है, लेकिन उचित देखभाल और उपचार से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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