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केरल में शिगेला इंफेक्शन से 4 वर्षीय बच्चे की मौत से मचा हड़कंप, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
Shigella Infection In Kerala: केरल के कोझिकोड में शिगेला संक्रमण से एक 4 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में अभी तक शिगेला के कुल 126 मामले सामने आ चुके हैं। सरकार इस संक्रमण को फैलने से रोकने की पूरी कोशिश कर रही है। केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने भी कहा है कि राज्य में शिगेला आउटब्रेक अभी कंट्रोल में है और जो अस्वच्छ भोजनालयों के खिलाफ अब एक्शन लिया जाएगा।

शिगेला क्या है?
शिगेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जिसे शिगेलोसिस (Shigellosis) भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है और दूषित भोजन, संक्रमित पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। हालांकि, अधिकांश लोग सही इलाज और पर्याप्त पानी पीने से ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख लक्षण, जोखिम वाले समूह और बचाव के जरूरी उपाय।
शिगेला इंफेक्शन के लक्षण
शिगेला संक्रमण मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है और इसके कारण पाचन तंत्र में सूजन आ सकती है। इस संक्रमण के आम लक्षणों में बार-बार दस्त होना, पेट में ऐंठन या दर्द, मतली, उल्टी और बुखार शामिल हैं। गंभीर मामलों में मल के साथ खून आ सकता है और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।
कैसे फैलता है शिगेला संक्रमण?
शिगेला संक्रमण मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के जरिए फैलता है। इसके अलावा हाथों की साफ-सफाई न रखने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने और अस्वच्छ वातावरण में रहने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है।
किन लोगों को रहता है ज्यादा खतरा?
5 साल से कम उम्र के बच्चों में शिगेला संक्रमण का जोखिम सबसे अधिक होता है, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह विकसित नहीं होती। इसके अलावा बुजुर्ग, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, HIV मरीज, कैंसर का इलाज करा रहे व्यक्ति और डायबिटीज से पीड़ित लोगों में भी संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
शिगेला संक्रमण से बचाव के उपाय
शिगेला से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से साबुन और साफ पानी से धोना जरूरी है।
हमेशा स्वच्छ पानी पिएं और ताजा व अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं।
फल और सब्जियों को इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह पानी से धोएं,
बच्चों को भी हाथों की सफाई की सही आदतें सिखाएं।
डिहाइड्रेशन से रहें सावधान
शिगेला संक्रमण में दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे कमजोरी, चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना और थकान महसूस हो सकती है। यदि तेज बुखार, मल में खून, मुंह सूखना या गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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