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'डांस थेरेपी' से दूर होगी रीढ़ की तकलीफ
रीढ़ की तकलीफ से जूझ रहे लोगों के लिए एक खुशखबरी है। यदि उन्हें इस समस्या से निजात पाना है तो 'डांस थेरेपी' (नृत्य द्वारा उपचार) इसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
'इंडियन स्पाइनल इंजियूरिज सेंटर' (आईएसआईसी) के जीवनशैली प्रबंधन विभाग की प्रमुख दीप्ति अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "डांस थेरेपी का प्रभाव रोगियों पर मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार से देखा जा सकता है लेकिन भारत में इस संबंध में लोगों को जानकारी नहीं है।"
गौरतलब है कि आईएसआईसी ने इस संबंध में पहली बार कदम उठाया है। अग्रवाल ने कहा कि रोगियों पर 'डांस थेरेपी' का असर आश्चर्यजनक रहा है। उन्होंने कहा कि यहां चार महीने पहले रीढ़ की समस्या दूर करने के लिए इस अनोखे उपचार की शुरुआत की गई थी।
अग्रवाल ने कहा, "रीढ़ में तकलीफ होने से रोगी को मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार के कष्टों से जूझना पड़ता है। हम रोगियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए व्हीलचेयर पर ही नृत्य करने की सलाह देते हैं। ऐसी स्थिति में रोगी का आत्मविश्वास बढ़ता है।"
आईएसआईसी में इलाज करा रही प्रज्ञा घिलडियाल ने कहा कि उन्हें डांस थेरेपी से काफी फायदा पहुंच रहा है। इस प्रकार कई और रोगियों के लिए यहां उपचार की यह नई विधि फायदेमंद साबित हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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