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स्तन कैंसर को मात देने के लिए तंदरूस्त रहिए

यूरोपियन जर्नल ऑफ कैंसर प्रिवेंशन में छपे एक नये शोध में दावा किया गया है कि जो महिलाएं नियमित तौर पर व्यायाम करती हैं भले ही वह स्तन कैंसर की शिकार हो जाती हों उसमें से लगभग 40 प्रतिशत महिलाओं के इस रोग से मरने की संभावना कम हो जाती है। यहां तक की नार्थ करोलिना के विश्वविद्यालय में अध्ययन दल के एक समूह ने पता लगाया है कि जो महिलाएं अपने किशोरावस्था से ही कसरत करने लगती उनमें ट्यूमर के बावजूद भी जीवित रहने की बहुत अधिक संभावना रहती है।
इस अध्ययन में बताया गया है कि जो महिलाएं स्वस्थ्य जीवनशैली को अपनाती हैं उनमें अगर स्तन कैंसर की बीमारी हो भी जाय तो उनमें इससे लड़ने की क्षमता रहती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक स्वस्थ्य जीवन शैली से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अच्छी हो जाती है और कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद मिलती है।
अपने अध्ययन में शोधकर्ताओं ने हाल ही में इस बीमारी का उपचार करवाने वाली 1,508 महिलाओं को शामिल किया था जिसमें 90 के बाद यह बीमारी घर कर गयी थी। इसमें महिलाओं के पूरे जीवनकाल के व्यायाम का विस्तृत अध्ययन किया गया। उन्होंने देखा कि पांच साल के दौरान इनमें से कितनी महिलाएं मर गयी या जीवित बची।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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