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तीखा खाना ले सकता है जान

स्कॉटलैंड में हर साल एक प्रतियोगिता का आयोजन होता है, जिसमें प्रतियोगी को तीखी मिर्च यानी 'किलर करी' खिलाई जाती है। हर साल इसमें कई लोग हिस्सा लेते हैं। ऐसा ही दृश्य इस साल के आयोजन के दौरान देखने को मिला। प्रतियोगी 'किलर करी' खाने के बाद फर्श पर गिरने लगे, दर्द से छटपटाने लगे। उन्हें तुरंत अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा।
तीखे मसालों की जहां तक बात है तो लाल मिर्च मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है और मोटापा कम करने के एक घटक के रूप में इस्तेमाल की जाती है, परंतु विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा मिर्च नुकसान पहुंचाती है। अधिक मात्रा में इसका सेवन ऊतकों में सूजन ला सकता है।
वहीं 1980 में की गए अध्ययन में पाया गया कि यदि तीन पाउंड अत्यंत तीखी मिर्च को पाउडर के रूप में एक साथ एक ही बार में ले लिया जाए तो यह 68 किलो के व्यक्ति को मौत के मुंह तक पहुंचा सकती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा होने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि शरीर अत्यधिक गर्मी के प्रति अपेक्षाकृत जल्दी प्रतिक्रिया करेगा। इसके लक्षण उल्टी, दस्त, पेटदर्द और पसीना निकलने के रूप में देखे जा चुके हैं।
ज्यादा मसालेदार व्यंजनों को पेट के छालों का कारण माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल एक भ्रम है। इस तरह के खाने सिर्फ पेट में अम्लों के स्त्राव को बढ़ा सकते हैं जो पहले से ही मौजूद घावों में जलन पैदा करता है और उनके भराव की प्रकिया को धीमा कर देता है। विशेषज्ञों की राय है कि अगर आपको तीखे खाने से पेट में जलन जैसी समस्या है तो आप इस तरह का भोजन कम मात्रा में लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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