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प्लेटलेट्स की जांच से पता चल सकता है मस्तिष्क रोग

पिछले तीन सालों से चल रही रिसर्च में चिकित्सकों ने पता लगाया है कि मस्तिष्क रोग होने पर जो परिवर्तन न्यूरॉन्स में होते हैं वैसे ही बदलाव रक्त में पायी जाने वाली प्लेटलेट्स में भी होते हैं, अत: प्लेटलेट्स की जांच कर काफी हद तक रोग के कारणों का पता लगाया जा सकता है।
बायोटेक पार्क के निदेशक व सीडीआरआई के पूर्व निदेशक प्रो. पीके सेठ का कहना है कि मस्तिष्क रोगों के कारणों का पता लगाने के लिए गत तीन वर्षों से रिसर्च चल रही थी जिसके परिणाम आने लगे हैं। उनका कहना है कि न्यूरोलॉजिकल डिस्आर्डर के बारे में जानकारी के लिए यह आवश्यक नहीं कि मस्तिष्क की जांच हो या फिर न्यूरॉन्स का परीक्षण हो। रक्त के प्लेटलेट्स से भी कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।
प्रो. सेठ ने बताया कि सीडीआरआई, साइक्रियाट्री विभाग, न्यूरोलॉजी विभाग व आईआईटीआर की संयुक्त रिसर्च में पता चला कि न्यूरो की कोई भी दवा खाने व मस्तिष्क सम्बंधी रोग होने पर जो बदलाव न्यूरॉन्स में होते हैं वहीं बदलाव प्लेटलेटस में भी देखने को मिलते हैं। इस वजह से प्लेटलेट्स की जांच कर रोग व रोग के कारणों का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक 500 लोगों पर यह रिसर्च हो चुकी है जिसमें से 96 लोगों में यह प्रयोग सफल रहा और रोग के कारणों का स्पष्ट पता चल गया।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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