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एचआईवी के नए टीके के लिए मानव पर परीक्षण जारी

इंपीरियल कॉलेज, हुल यर्क मेडिकल स्कूल, मेडिकल रिसर्च काउंसिल क्लीनिकल ट्रायल यूनिट एवं संक्रामक रोग शोध संस्थान की टीमें यह परीक्षण कर रही हैं, कि मानव स्वयंसेवियों पर इस टीके का इस्तेमाल सुरक्षित है या नहीं। टीके में टीमेरिक इनवेलप प्रोटीन (जीपी 140) मौजूद है जो सर्वाधिक संक्रामक क्लेड सी विषाणु को निशाना बना सकता है।
जिसके चलते दुनिया भर में एर्चआइवी के संक्रमण का सबसे अधिक प्रसार हुआ है। इससे एचआइवी ग्रस्त 3.4 करोड़ लोगों में से आधे संक्रमित हुए हैं। इस परीक्षण को वेलकम टस्ट ने कोष मुहैया किया है। गौरतलब है कि दुनिया भर में एचआइवी ग्रस्त 3.4 करोड़ लोगों में आधी महिलाएं हैं। उप सहारीय अफ्रीका में इस विषाणु से ग्रस्त महिलाओं की संख्या 60 फीसदी से अधिक है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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