Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
क्या प्रोबायोटिक्स हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं?
प्रोबायोटिक्स वे अनुकूल बैक्टीरिया हैं जो स्वाभाविक रूप से कुछ खाद्य पदार्थों और हमारे पेट में भी पाए जाते हैं। बाज़ार में भी अनेक प्रोबायोटिक्स ड्रिंक्स उपलब्ध हैं जो लोगों को हररोज़ उन्हें पीने के लिए अपील करते हैं। लेकिन क्या वे वास्तव में हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं? हम इस पर और अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं। अदरक, अपच के लिए एकदम सही घरेलू उपाय
प्रोबायोटिक्स क्या हैं?
’अच्छे बैक्टीरिया’ अथवा ’उपयोगी बैक्टीरिया’ भी कहे जाने वाले प्रोबायोटिक्स सूक्ष्मजीवी होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। मानव पाचन तंत्र में 400-500 प्रकार के अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो हानिकारक बैक्टीरिया के विकास को कम करते हैं और एक स्वस्थ पाचन तंत्र को बढ़ावा देते हैं। लैक्टिक एसिड और बाइफिडो बैक्टीरिया मानव पाचन तंत्र में सबसे प्रचुर मात्रा में उपस्थित बैक्टीरिया हैं और सबसे अधिक प्रोबायोटिक्स के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। खमीर के कुछ प्रकार भी प्रोबायोटिक्स के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं।

प्रोबायोटिक्स के स्वास्थ्य लाभ
- लैक्टोस असहिष्णुता को कम करते हैं
- प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं
- दस्त और क्रोन्स रोग के उपचार में सहायता करते हैं
- योनि खमीर संक्रमण और मूत्र मार्ग में संक्रमण की रोकथाम और उपचार में मदद करते हैं
- कैंसर की घटनाओं विशेष रूप से मूत्राशय और पेट के कैंसर में कमी लाते है
- बच्चों में एक्जि़मा की रोकथाम और उपचार में मदद करते हैं
- सर्दी और फ्लू की गंभीरता को कम करते हैं
प्रोबायोटिक्स कैसे काम करते हैं?
एंटीबायोटिक दवाओं की अधिक खुराक अथवा लंबे समय तक रहने वाले संक्रमण से पाचन तंत्र में अनुकूल माइक्रोबियल कालोनियों को बाधित करते हैं। प्रोबायोटिक्स अच्छे सूक्ष्मजीवों को बहाल करने और आंतों के कार्य को सुधारने में मदद करते हैं। बैक्टीरिया का सेवन कर के बन जाइये स्लिम-ट्रिम
प्रोबायोटिक्स के स्रोत
बैक्टीरिया के जीवित उपभेद के साथ दही का सेवन प्रोबायोटिक्स का सबसे अधिक लिया जाने वाला स्रोत है।
अन्य खाद्य पदार्थों में शामिल हैंः
- सोया दूध
- खट्टी गोभी (किण्वित गोभी)
- किमची (किण्वित सब्जि़याँ)
- केफिर या केवड़ा (बकरी के दूध और केफिर अनाज से बने किण्वित उत्पाद)
- नमकीन पानी में संग्रहित जैतून
- घर पर बना अचार
- कुछ डार्क चॉकलेट्स और प्रोबायोटिक से भरपूर आइसक्रीम भी इसके स्रोत हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
