Latest Updates
-
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट -
इन 5 तरीकों से मिनटों में पहचानें असली और नकली सरसों का तेल, सेहत से न करें समझौता -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए अरबी की सब्जी, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
महिलाओं की कौन सी आंख फड़कने का क्या है मतलब? जानें बाईं और दाईं आंख के शुभ-अशुभ संकेत -
New Rules From 1 April 2026: दवाइयों से मोबाइल तक, जानें 1 अप्रैल से क्या होगा सस्ता, क्या महंगा? -
Kamada Ekadashi Upay: वैवाहिक कलह और कर्ज के बोझ से हैं परेशान? कामदा एकादशी पर करें ये 3 अचूक उपाय
हार्ट अटैक से बचने के लिए बीपी की जांच जरुर कराएं
(आईएएनएस)| उम्रदराज होने पर आपको दिल की बीमारी हो सकती है या नहीं, इसका पता 18 वर्ष की उम्र होते ही किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि 18 वर्ष की आयु में यदि किसी युवक का रक्तचाप अधिक रहता है, तो उम्रदराज होने पर उसमें दिल से संबंधित बीमारी होने का जोखिम अधिक होता है।
किसी व्यक्ति में विभिन्न अवस्थाओं में रक्तचाप के स्तर और दिल संबंधी बीमारी में संबंध को लेकर 25 वर्षो की लंबी अवधि तक किया गया यह शोध अपनी तरह का पहला शोध है।

नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के इलिनॉयस स्थित फीनबर्ग मेडिसिन स्कूल में सहायक प्राध्यापक नौरिना एलेन ने कहा, "युवावस्था में रक्तचाप के आधार पर उस व्यक्ति के उम्रदराज होने पर दिल संबंधी बीमारी के खतरे को जाना जा सकता है। हम किशोरावस्था आने तक इसके समाधान का इंतजार नहीं कर सकते। अगर हम युवावस्था में उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर सकें, तो उम्रदराज होने पर दिल से संबंधित बीमारी या दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम किया जा सकता है।" मोटापे को दूर करने के घरेलू उपचार
अध्ययन में 18 से 55 वर्ष की आयु के बीच विशेष पैटर्न वाले रक्तचाप वाले व्यक्तियों के हृदय से रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में कैल्शियम पाए जाने का जोखिम बढ़ जाता है, जिसे मध्यम आयुवर्ग में दिल की बीमारी होने के पहले संकेत के रूप में देखा जाता है। लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के उपचार
इसे रक्त नलिकाओं के सख्त हो जाने के रूप में भी जाना जाता है, तथा रक्त नलिकाओं में कैल्शियम के इस जमाव के कारण दिल का दौरा पड़ने का जोखिम भी बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने कहा, "इससे बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव की सलाह देते हैं जैसे, शारीरिक गतिविधि बढ़ाने एवं बेहतर तथा स्वस्थ आहार से हाइपरटेंशन से बचा जा सकता है।"
अमेरिकी चिकित्सा संघ द्वारा प्रकाशित की जाने वाली शोध पत्रिका के ताजा अंक में प्रकाशित यह शोध 4,681 व्यक्तियों पर अध्ययन करने के बाद सामने आया है। इसमें शिकागो, बर्मिघम, माइनेपोलिस और ऑकलैंड के लोगों को शामिल किया गया था। शोध की शुरुआत 1985-86 से हुई थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











