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ओरल कैंसर से बचने के कुछ उपाय
ओरल कैविटी में होंठ, गाल, लार ग्रंथिया, कोमल तालू, हार्ड तालू, यूवुला, मसूडों,टॉन्सिल, जीभ और जीभ के अंदर का हिस्सा आते हैं। जब शरीर के इनमें से किसी भी हिस्से में कैंसर होता है तो इसे ओरल कैंसर के नाम से जाना जाता है। ओरल कैविटी में कैंसर होने का कारण इस भागों में कोशिकाओं की अनियमित वृद्धि होती है। दंत स्वास्थ्य: स्वस्थ मसूड़ों के लिए टिप्स
कैंसर एजेंसी का कहना है कि ओरल कैंसर होने का खतरा उम्र के साथ बढ़ता जाता है। इसके अलावा, कई अन्य प्रकार के खतरे भी होते हैं जो इसे बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होते है। ऐसे खतरों से दूर रहना समझदारी है ताकि ओरल कैंसर से बचा जा सकें। ये प्रयास निम्मलिखित हैं:

ओरल कैंसर से बचने के कुछ उपाय
तम्बाकू का उपयोग: अगर आप किसी भी प्रकार की तम्बाकू, सिगरेट, पाइप्स या कपूरी, गुटखा आदि का सेवन करते है तो इससे जल्दी से दूरी बना लें। डॉक्टर्स के अनुसार, ये सभी नशीले पदार्थ ओरल कैंसर के लिए सबसे बड़े कारण होते है।
शराब का सेवन: शराब का सेवन करने से शरीर में कई प्रकार की समस्याएं होती है, साथ ही साथ ओरल कैंसर होने का खतरा भी चार गुना हो जाता है, क्योंकि मुंह एल्कोहल की वजह से घायल हो जाता है और उसमें घाव बढ़ता जाता है।
सूर्य की अधिक रोशनी: माना जाता है कि सूर्य का अत्यधिक प्रकाश भी ओरल कैंसर का कारण हो सकता है, क्योंकि सूर्य के प्रकाश में अल्ट्रावॉयलेट रे ज्यादा होती है जो ओंठ के कैंसर को कर देती है। स्कीन कैंसर भी इसी कारण से हो सकता है।
मुंह की सही देखभाल करें: अगर आपके मुंह में छाले हैं या कोई घाव हो गया हों, तो उसे इग्नोर न करें, समय रहते डॉक्टर के पास जाएं और जांच करवाकर इलाज लें। अपने दांतों, ओठों और जीभ को साफ रखें।
नियमित व्यायाम: नियमित व्यायाम करें, इससे आपकी इम्यूनिटी पॉवर में वृद्धि होगी और कोशिकाओं में अनियमति वृद्धि नहीं होगी।
स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें: हेल्दी डाइट लें। हरी सब्जी, दूध, दही और फल खूब खाएं। ग्रीन टी पिएं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है। नियमित भोजन करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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