Latest Updates
-
दहेज के 87% मामलों के साथ बेंगलुरु बना नंबर-1; जानें Dowry Case में कितनी सजा और जुर्माने का है प्रावधान -
कोरोना के बाद अब हंतावायरस का बढ़ा खतरा; भारत भी हुआ अलर्ट, जानें कितनी जानलेवा है यह बीमारी और लक्षण -
क्या लड़कियों का भी होता है जनेऊ संस्कार? धुरंधर 2 एक्ट्रेस ने बताया क्यों सदियों पहले बंद हुई थी परंपरा -
Shani Jayanti 2026: 15 या 16 मई, कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानें सही तिथि और उपाय -
Mangal Gochar 2026: अपनी ही राशि में मंगल का गोचर; इन 4 राशि वालों पर मंडरा रहा है दुर्घटना' का साया -
Somnath Amrit Mahotsav: पीएम मोदी ने सोमनाथ में किया कुंभाभिषेक, जानें 11 तीर्थों के जल का महत्व -
PM Modi की Gold न खरीदने की चर्चा तेज, जानिए किस देश में मिलता है सबसे सस्ता सोना -
Suryakumar Yadav बने पिता, बेटी का नाम रखा 'रिद्धिमा', जानें इसका अर्थ और धार्मिक महत्व -
National Technology Day 2026 Quotes: मिसाइल मैन के वो अनमोल विचार जो आज भी युवाओं को देते हैं प्रेरणा -
Aaj Ka Rashifal 11 May 2026: सोमवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे
पढ़ें: यौन संचारित रोगों को रोकने के आसान उपाय
यौन संचारित बीमारियाँ जिन्हें सामान्यतः सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी) के नाम से जाना जाता है। ये संक्रामक बीमारियाँ हैं जो कि एक दूसरे के अंतरंग संपर्क में आने से फैलती हैं।
ये बीमारियाँ किसी भी उम्र के व्यक्ति में हो सकती हैं, लेकिन सेक्सुयली एक्टिव लोगों में इनके होने का ज्यादा खतरा रहता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डीजीज को फैलने से कैसे रोका जाये।
शर्मिंदगी से ज्यादा यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यदि सही तरह से इलाज नहीं किया जाये तो बांझपन जैसी गंभीर समस्या के साथ ही मौत भी हो सकती है। लेकिन इससे बचने के तरीके हैं। संभोग के अलावा भी कई कारण हैं जिनसे ये फैलती हैं।
कई दाद और जननांग में मस्से होते हैं जो कि त्वचा के संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा वाइरस ब्लड ट्रान्सफर द्वारा भी संचारित होता है। बीमारी से ग्रसित माता द्वारा भी यह भ्रूण को प्रभावित कर सकता है।
सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डिजीज का सबसे बड़ा खतरा यह है कि इससे ग्रसित व्यक्ति को कई सालों तक इनका पता भी नहीं चलता जब तक कि गंभीर लक्षण दिखाई नहीं दें। सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डिजीज को रोकने के कुछ तरीके हैं।

छोटी उम्र में सेक्स से बचें
छोटी उम्र में सेक्स करना भी सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डिजीज का मुख्य कारण है। व्यक्ति जितना युवा होगा उतना ही खतरा ज्यादा होगा।

सेक्स पार्टनर
ज्यादा लोगों से सेक्स करने से भी इसके संक्रमण का खतरा बढ़ता है। इससे बचने का तरीका है कि एक ही पार्टनर से सेक्स करें।

स्वच्छता बनाए रखें
सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डिजीज से बचने के लिए यौन संबंध में स्वच्छता बनाए रखें। अंडर गार्मेंट्स और टॉवल शेयर नहीं करें। सेक्स के बाद अपने गुप्तांगों को साफ करें।

अजनबियों से बचें
सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डिजीज से बचने का तरीका है कि अंजान व्यक्ति से सेक्स ना करें। खास तौर पर यदि आप युवा हैं।

एक ही पार्टनर से सेक्स
संक्रमण से बचने के लिए एक ही विश्वसनीय और असंक्रमित पार्टनर रखें। व्यक्ति से लंबा रिश्ता रखें। यह दोनों पार्टनर्स पर लागू होता है।

पहले पता कर लें
सबसे अच्छा तरीका है कि जब आप नए रिलेशन में हों तो अंतरंग संबंध ना बनाएँ। चूंकि यह कठिन है इसलिए आपस में इस टॉपिक पर बातचीत जरूर करें।

टीकाकरण
सेक्सुयल ट्रांसमिटेड डिजीज की रोकथाम के लिए बाजार में कई टीके उपलब्ध हैं। यह टीकाकरण सेक्स करने से पहले लेना चाहिये। इसके लिए जागरूकता और शिक्षा बहुत जरूरी है।

कंडोम इस्तेमाल करें
इन बीमारियों की रोकथाम के लिए कंडोम इस्तेमाल करें। प्राकृतिक आवरण के बने कंडोम ज्यादा असरकारक हैं।

एल्कोहल और ड्रग्स का सेवन ना करें
एल्कोहल का ज्यादा सेवन करने और ड्रग्स के सेवन से इनके संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप ऐसा करते हैं तो यौन सम्बन्धों के दौरान इन बीमारियों से संक्रमित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

पार्टनर से बात चीत करें
अपने पार्टनर से सेफ सेक्स के बारे में बातचीत करना आवश्यक है। इससे रिश्ता खराब किए बिना दोनों एक दूसरे से इस टॉपिक पर सहमत होते हैं।



Click it and Unblock the Notifications