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जानिये आपके कानों का मैल आपके स्वास्थ्य के बारे में क्या बताता है
अपने कानों से निकलने वाले मैल को देखकर आप जान सकते हैं कि आपके कानों के अंदर क्या हो रहा है। इस चिपचिपे पदार्थ में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं तथा आपका शरीर कान को स्वच्छ, हाईड्रेट और इसकी रक्षा करने की क्षमता रखता है। जब कोई बाहरी पदार्थ कान में प्रवेश करने की कोशिश करता है तब कान का मैल उसे पकड़ लेता है।
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जिस प्रकार आपका मूत्र, नाक से निकलने वाला बलगम, मल और लार किसी विशेष प्रकार की बीमारी का संकेत देते हैं उसी प्रकार आपके कानों से निकलने वाला मैल आपके कानों में होने वाली समस्या की ओर संकेत करता है जो आपके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। अपने कानों के मैल पर ध्यान दें जिससे आपको लंबे समय तक लाभ मिल सके।

यदि आपके कानों से निकलने वाला मैल हरे रंग का है तो यह आपके पसीने और कान के मैल का मिश्रण हो सकता है। हालाँकि यदि आपको पसीना नहीं आ रहा है तो यह किसी संक्रमण का संकेत हो सकता है। यह हरे रंग से लेकर गहरे पीले रंग का हो सकता है।

यदि आपके कान के मैल से तीव्र गंध आ रही है तो यह कान के मध्य भाग में संक्रमण का संकेत होता है जिसे क्रॉनिक ओटिटिस मीडिया कहा जाता है। यदि आपका कान अवरुद्ध या भरा हुआ है तो आप सनसनी महसूस कर सकते हैं, आपको कानों में घंटी की आवाज़ सुनाई दे सकती है तथा आपको संतुलन करने में भी समस्या आ सकती है।

यदि आपके कान में दबाव और दर्द है तथा कान से चिपचिपा पदार्थ बाहर आ रहा है तो ऐसा असामान्य त्वचा के निर्माण के कारण हो सकता है जिसे चोलेस्टाटोमा कहा जाता है। यह एक गाँठ के समान होता है जो कान में भर जाता है तथा इसमें कचरा भरा हुआ होता है। यदि आपके कान का मैल सूखा पपडीदार होता है तो इसका अर्थ है कि आपकी उम्र बढ़ने के साथ साथ ग्रंथियां सूख रही हैं।
यदि आपके कान में मैल नहीं आता तो इस स्थिति को केराटिटिस ऑबट्युरन्स कहा जाता है जिसमें कान का मैल बाहर आने की बजाय कान के अंदर ही बनता जाता है और कड़ा हो जाता है। जब ऐसा होता है तब आपको दर्द और कान भरा हुआ महसूस होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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