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जानिये क्यों पीरियड आने से पहले स्तनों में दर्द होने लगता है?
पीरियड्स के दौरान महिलाओं को ब्लीडिंग के अलावा भी कई तरह के दर्द झेलने पड़ते हैं। कुछ महिलाओं को इन दिनों में ब्रेस्ट में सूजन और दर्द की समस्या होने लगती है।
कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे उनके स्तनों में कोई गाँठ हो। वैसे तो स्तनों में किसी भी तरह की गांठ होना ब्रेस्ट कैंसर का मुख्य लक्षण है लेकिन इस मामले में यह कैंसर का लक्षण नहीं बल्कि किसी और कारण से है।
इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि पीरियड से पहले आपको ब्रेस्ट से जुड़ी यह समस्या क्यों होती है।

साइक्लिकल मेस्टाल्जिया:
पीरियड से पहले ब्रेस्ट में सूजन या दर्द होने को मेडिकल लैंग्वेज में साइक्लिकल मेस्टाल्जिया कहा जाता है। इसमें पीरियड से पहले स्तनों में दर्द और गांठ जैसा महसूस होता है और जैसे ही ब्लीडिंग शुरू होती है यह समस्या अपने आप खत्म हो जाती है।
अधिकतर महिलाओं का पीरियड आमतौर पर 28 दिनों के अंतराल पर आता है और एक चक्र के अंतराल में ही शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव हो जाते हैं। पीरियड आने से ठीक पहले वाले हफ्ते में शरीर में प्रोजेस्टेरोन लेवल काफी बढ़ जाता है जिस वजह से स्तनों में सूजन आने लगती है। इसी तरह मासिक चक्र के 14-28 दिन के बीच शरीर में एस्ट्रोजन लेवल बढ़ जाता है और इस वजह से स्तनों का साइज़ भी हल्का बढ़ने लगता है और दर्द महसूस होने लगता है।

दर्द से आराम पाने के तरीके : दर्द से आराम पाने के लिए सबसे पहले तो अपनी ब्रा बदलें। बेहतर होगा कि आप स्पोर्ट्स ब्रा पहनें जिससे स्तनों को भरपूर सहारा मिल सके। इसके अलावा अल्कोहल, कैफीन युक्त चीजें और नमकीन चीजों का कम से कम सेवन करें। क्योंकि इससे दर्द काफी बढ़ सकता है। नमक के कारण शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है जिससे दर्द और बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए अपनी डाइट में मूंगफली, पालक, केला, गाजर और ब्राउन राइस को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करें।

स्तनों में दर्द होने के अन्य कारण : स्तनों में दर्द होना हमेशा ब्रेस्ट कैंसर का ही लक्षण नहीं होता है बल्कि अधिकतर बार मेनोपॉज या प्रेगनेंसी पीरियड में भी ये दर्द करने लगता है। प्रेगनेंसी में यह दर्द काफी बढ़ जाता है और कई बार दर्द के साथ साथ मिचली या उलटी आने जैसी समस्याएँ भी होने लगती है। ऐसा कुछ भी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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